फूलपुर में 2047108 तथा इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र में 1807886 मतदाता चुनेंगे नए सांसद
लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। प्रयागराज की फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीट के लिए छठवें चरण में 25 अप्रैल को मतदान होगा। मतगणना चार जून को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित होने की उम्मीद है। फूलपुर सीट के लिए डीएम नवनीत सिंह चहल तथा इलाहाबाद के सीडीओ गौरव कुमार निर्वाचन अधिकारी होंगे।
दोनों सीटों के लिए अधिसूचना 29 अप्रैल को जारी होगी और उसी दिन नामांकन शुरू हो जाएगा। फूलपुर में 2047108 तथा इलाहाबाद में 1807886 मतदाता अपना नया सांसद चुनेंगे। 2019 की तुलना में इस बार फूलपुर में 71889 तथा इलाहाबाद में 114439 मतदाता बढ़ गए हैं। चूंकि, नामांकन तक नए मतदाता जोड़े जा सकते हैं। ऐसे में मतदाताओं की संख्या और बढ़ सकती है।
फूलपुर लोकसभा के अंतर्गत कुल पांच विधानसभा क्षेत्रों में 858 मतदान केंद्रों के 2068 बूथ पर मतदान होगा। सबसे अधिक फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में 435 तथा सबसे कम फाफामऊ में 378 बूथ हैं। वहीं, इलाहाबाद संसदीय सीट के लिए 934 केंद्रों के 1813 बूथ पर मतदान होगा। सबसे अधिक दक्षिणी में 377 तथा मेजा में सबसे 339 बूथ हैं।
भदोही लोकसभा सीट में शामिल प्रतापपुर और हंडिया विधानसभा को भी मिला लें तो जिले में कुल 4664519 मतदाता हैं। 2019 की तुलना में यह संख्या 284824 अधिक है। इस बार 2241 केंद्रों के 4712 बूथों पर मतदान होगा। 2019 में 2198 मतदान केंद्र के 4938 बूथों पर मतदान हुआ था। इस तरह से मतदान केंद्रों की संख्या में तो 43 की बढ़ोतरी हुई है लेकिन बूथों की संख्या 226 कम हो गई है।
नामांकन तक बन सकेंगे वोटर
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से 23 जनवरी को अनंतिम मतदाता सूची जारी की गई थी। इसके अनुसार जिले में कुल 4664519 मतदाता हैं लेकिन अभी इसमें बढ़ोतरी तय है। मतदाता बनने के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने तक आवेदन कर सकेंगे। ऐसे में अभी मतदाता सूची में बढ़ोतरी तय है। अनंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अब तक 22 हजार से अधिक नए मतदाता बन भी चुके हैं।
चुनाव कार्यक्रम एक नजर में
- चुनावी आचार संहिता लागू
- 29 अप्रैल को जारी होगी अधिसूचना
- 29 से शुरू हो जाएगा नामांकन
- 06 मई है नामांकन की आखिरी तारीख
- 07 मई को होगी नामांकन पत्रों की जांच
- 09 मई को वापस ले सकेंगे नाम
- 25 मई को होगा मतदान
- 04 जून को होगी मतगणना
- 04 जून को ही घोषित होगा परिणाम
विधानसभावार बूथों एवं मतदाताओं की संख्या
लोकसभा फूलपुर
विधानसभा बूथ पुरुष महिला अन्य कुल
- फाफामऊ 378 198057 167909 39 366003
- सोरांव 416 203765 176277 33 380075
- फूलपुर 435 224156 185808 61 410025
- पश्चिमी 423 250175 209990 40 460205
- उत्तरी 416 235411 195311 78 430800
कुल 2068 1111564 935293 251 2047108
लोकसभा इलाहाबाद
- मेजा 339 181938 149027 16 330981
- करछना 352 196527 166434 54 363015
- दक्षिणी 377 224535 189489 128 414152
- बारा 371 182985 158103 52 341140
- कोरांव 374 192995 165577 26 358598
कुल 1813 978980 828630 276 1807886
भदोही लोकसभा के प्रतापपुर एवं हंडिया विधानसभा में बूथों की संख्या एवं मतदाता
- प्रतापपुर 422 220500 188172 42 408714
- हंडिया 409 216632 184129 50 400811
कुल 831 437132 372301 92 809525
जिले का योग 4712 2527676 2136224 619 4664519
युवा मतदाता होंगे निर्णायक
लोकसभा चुनाव में 2019 की तरह इस बार भी युवाओं के मुद्दे और उनकी भूमिका निर्णायक होने जा रही है। 29 वर्ष से कम आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 20 फीसदी से अधिक है। इनमें करीब 42 हजार से अधिक मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। चुनाव में युवा मतदाताओं की भूमिका को देखते हुए सभी दलों के बीच रोजगार, पेपर लीक समेत युवाओं के अन्य मुद्दों को लेकर भी नूरा कुश्ती जारी है।
जिले में कुल 4664519 मतदाता हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या करीब 42159 है। 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के तो 893395 वोटर हैं। इस तरह से 29 वर्ष तक कुल 20 फीसदी मतदाता हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत ज्यादातर भर्तियों के लिए आवेदन की अधिकतम उम्र सीमा 40 वर्ष है। इस लिहाज से देखें तो 30 से 39 वर्ष आयु वर्ग में सबसे अधिक 1331607 मतदाता हैं। मत प्रतिशत के हिसाब से इनकी भागीदार 28.55 प्रतिशत है। इस तरह से 39 वर्ष तक के कुल 48.60 प्रतिशत मतदाता हैं। यानि, 50 फीसदी से कुछ ही कम।
68 हजार से अधिक वोटर 80 पार
80 वर्ष या इससे अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या भी 68848 है। इनमें से 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 1527 है।
788 बूथ हैं संंवेदन और अतिसंवेदनशील
जिलेे में अब 318 मतदान केंद्र तथा इनके 788 बूथ संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील (वुलनेरेबल) चिह्नित किए गए हैं। इनमें 393 अतिसंवेदनशील बूथ हैं। लोकसभावार देखें तो फूलपुर में 84 सेंटर के 214 बूथ संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील हैं। इनमें 107 अतिसंवेदनशील हैं। फूलपुर लोकसभा के फाफामऊ विधानसभा क्षेत्र में 60, सोरांव में 40, फूलपुर में 32, पश्चिमी में 34 तथा उत्तरी में 48 बूथ संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील चिह्नित किए गए हैं।
वहीं इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र में 95 सेंटर के 233 बूथ अतिसंवेदनशील तथा 96 सेंटर के 234 बूथ संवेदनशील हैं। इनमें मेजा में 106, करछना में 166, दक्षिणी में 128, बारा में 36 तथा कोरांव में 31 बूथ इस संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। भदोही लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रतापपुर विधानसभा में 34 तथा हंडिया में 73 बूथ संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील श्रेणी में हैं। हालांकि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील बूथों के सर्वे का क्रम लगातार जारी रहेगा। ऐसे में इनमें परिवर्तन संभावित है।
जिले में हैं 24531 दिव्यांग वोटर
जिले में 24531 दिव्यांग मतदाता हैं। प्रतापपुर और हंडिया में इनकी संख्या तीन हजार से अधिक हैं। वहीं दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 746 दिव्यांग मतदाता हैं। जार्जटाउन स्थित मूक बधिर विद्यालय में भी 21 वोटर हैं।
विधानसभावार दिव्यांग मतदाता
विधानसभा दिव्यांग मतदाता
- फाफामऊ 2635
- सोरांव 2049
- फूलपुर 2319
- प्रतापपुर 3092
- हंडिया 3023
- मेजा 1227
- करछना 2171
- पश्चिमी 1234
- उत्तरी 1208
- दक्षिणी 746
- बारा 2065
- कोरांव 2762
कुल 24531
85 वर्ष से अधिक और दिव्यांग मतदाता घर पर दे सकेंगे वोट
85 वर्ष से अधिक आयु तथा बूथ तक जा पाने में असमर्थ दिव्यांग मतदाता घर पर वोट दे सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्था की जाएगी। जिले में कुल 24531 दिव्यांग वोटर हैं। वहीं 85 वर्ष से अधिक आयु के 31149 मतदाता हैं। घर पर वोटिंग की इच्छा जताने वाले मतदाताओं को फार्म 12डी भरना होगा। यह फार्म बीएलओ घर पर उपलब्ध कराएंगे। फिर फार्म भरवाकर बीएलओ एकत्रित भी करेंगे। इसके बाद भरे फार्म आरओ कार्यालय में जमा किए जाएंगे। यह प्रक्रिया चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। घर पर मतदान के लिए पूरी टीम बनवाई गई है। यह टीम निर्धारित तारीखों पर इच्छा जताने वाले मतदाताओं के घर-घर जाकर बैलेट पेपर पर मतदान कराएगी। इस दौरान प्रत्याशियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
उपेक्षा से नाराज इरवो संगम वाटिका के लोग करेंगे चुनाव का बहिष्कार
उपेक्षा से नाराज झलवा स्थित इरवो संगम वाटिका के लोगों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण तथा नगर निगम के बीच खींचतान की वजह से क्षेत्र के लोग विकास कार्यों से वंचित हैं। सड़क तो वर्षों से नहीं बनी है। बारिश के दिनों में सड़क का बहुत बुरा हाल हो जाता है। इसे लेकर रविवार को प्रदर्शन की भी घोषणा की है।
देव प्रयागम फेज दो के अंतर्गत प्राधिकरण की ओर से संगम वाटिका में प्लॉटिंग की गई थी। अब वहां करीब 200 मकान हैं। अब यह क्षेत्र नगर निगम सीमा में आ गया है। नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगों को सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन हुआ उलटा। कॉलोनी के डॉ.पंकज सिंह का कहना है कि करीब 12 वर्ष पहले कॉलोनी बनी थी। नगर निगम अभी गृहकर नहीं लेता लेकिन जल एवं सीवर कर लेता है। कॉलोनी में प्लांटिंग के समय सड़क बनी थी। इसके बाद सड़क पर कभी सुधार कार्य नहीं हुआ। इसकी वजह से पूरी सड़क उखड़ने के साथ जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कॉलोनी के अजीत का कहना है कि बारिश के दिनों में सड़क पर पानी लग जाता है और परेशानी बढ़ जाती है। उनका कहना है कि इसकी शिकायत प्राधिकरण में की गई तो कहा गया कि अब नगर निगम देखेगा। वहीं नगर निगम के अफसर प्राधिकरण पर टाल देते हैं। यह समस्या लगातार बनी हुई है। इससे नाराज होकर कॉलोनी के लोगों ने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है। इसी क्रम में रविवार को कॉलोनी गेट पर बैनर लगाकर प्रदर्शन की भी घोषणा की है।
आचार संहिता लगने के साथ हटने लगे बैनर-पोस्टर
लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के साथ पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स आदि हटाने की कार्रवाई भी शुरू हो गई। देर रात तक बड़े इलाके के पोस्टर-बैनर हटाए भी जा चुके थे। इसके अलावा नेताओं, योजनाओं समेत चुनाव को प्रभावित करने वाले पेंटिंग को हटाने के लिए कई प्रमुख भवनों की बाउंड्री पर जगह-जगह पुताई भी कराई गई। पूरे जिले से 24 से 72 घंटे के भीतर चुनाव को प्रभावित करने वाले हर तरह के पोस्टर-बैनर, पेंटिंग आदि हटाए जाएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस कांफ्रेंस शुरू होने के कुछ देर बाद ही नगर निगम तथा जिला पंचायती राज विभाग की टीम सक्रिय हो गई। इस काम में लाइसेंस, अतिक्रमण विभाग की टीम के अलावा सफाई कर्मियों को भी लगाया गया है। शुरुआत कलेक्ट्रेट से हुई, जहां योजनाओं से संबंधित होर्डिंग्स आदि हटाते समेत अपर नगर आयुक्त अंबरीश बिंद तथा एडीएम सिटी मदन कुमार भी मौजूद रहे।
इसके अलावा जोनल अधिकारियों की अगुवाई में सिविल लाइंस, अल्लापुर, रामबाग, दारागंज, तेलियरगंज समेत पूरे शहर से प्रचार सामग्री उतारे गए। देर रात तक दो दर्जन से ज्यादा वाहनों में प्रचार सामग्री उतारी जा चुकी थी। मेडिकल कॉलेज, डाकघर, इंदिरा भवन, फ्लाईओवर, स्कूल-कॉलेज आदि की बाउंड्री पर भी नेताओं ने प्रचार कर रखे थे। उन पर पुताई कराई गई। यह क्रम देर रात तक चलता रहा।
चुनाव की पूरी तैयारी है। आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाए गए हैं। अलग-अलग टीमें भी बनाई गई हैं। सचल दस्ता समेत कई टीमें सक्रिय भी कर दी गई हैं। पूरे जिले से बैरन-पोस्टर समेत अन्य प्रचार सामग्री हटाए जा रहे हैं। अलग-अलग तरह के प्रचार सामग्रियों को नष्ट करने के लिए 24 से 72 घंटे का समय होता है। निर्धारित समय के भीतर प्रचार सामग्री हटा दी जाएगी। - नवनीत सिंह चहल, डीएम
इलाहाबाद के अब तक सांसद चुनाव
वर्ष सांसद दल
- 1952 श्रीप्रकाश कांग्रेस
- 1957 लाल बहादुर शास्त्री कांग्रेस
- 1962 लाल बहादुर शास्त्री कांग्रेस
- 1967 हरिकृष्ण शास्त्री कांग्रेस
- 1971 एचएन बहुगुणा कांग्रेस
- 1973 जनेश्वर मिश्र भारतीय क्रांति दल
- 1977 जनेश्वर मिश्र भारतीय लोकदल
- 1980 वीपी सिंह कांग्रेस
- 1980 कृष्ण प्रकाश तिवारी कांग्रेस
- 1984 अमिताभ बच्चन कांग्रेस
- 1988 वीपी सिंह निर्दलीय
- 1989 जनेश्वर मिश्र जनता दल
- 1991 सरोज दुबे जनता दल
- 1996 मुरली मनोहर जोशी भाजपा
- 1998 मुरली मनोहर जोशी भाजपा
- 1999 मुरली मनोहर जोशी भाजपा
- 2004 रेवती रमण सिंह सपा
- 2009 रेवती रमण सिंह सपा
- 2014 श्यामा चरण गुप्त भाजपा
- 2019 रीता बहुगुणा जोशी भाजपा