सुरक्षा की रहेगी पुख्ता व्यवस्था
सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि शुचितापूर्ण मूल्यांकन के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट को लगाया गया है। प्रत्येक जिले में सभी मूल्यांकन केंद्रों के पर्यवेक्षण के लिए उस जिले के डायट प्राचार्य को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। मूल्यांकन केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की परिधि में धारा 144 लगाई गई है। साथ ही मूल्यांकन अवधि तक कम से कम चार सशस्त्र पुलिस गार्ड की भी तैनाती कराए जाने तथा स्थानीय अभिसूचना इकाई / पुलिस कर्मियों की सादी वर्दी में तैनाती कराए जाने की व्यवस्था की गई है।
5427 परीक्षक करेंगे 12 लाख कॉपियों का मूल्यांकन
जिले में बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए 10 केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों पर तैनात 5427 परीक्षकों पर 12 लाख कॉपियों के मूल्यांकन की जिम्मेदारी होगी। केंद्रों पर बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूर्ण रूप से वर्जित है। कॉपियों के मूल्यांकन की निगरानी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम से कराई जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट पर मूल्यांकन की जिम्मेदारी होगी।
जिले में बने 10 मूल्यांकन केंद्रों में से पांच पर हाईस्कूल और अन्य पांच पर इंटरमीडिएट की कॉपियां जांची जाएंगी। इसमें हाईस्कूल में 651597 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 3090 और इंटर में 456859 कॉपियों को जांचने के लिए 2337 परीक्षक तैनात किए गए हैं। बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों में राजकीय इंटर कॉलेज, अग्रसेन इंटर कॉलेज, क्रॉस्थवेट इंटर कॉलेज, केपी इंटर कॉलेज, सीएवी इंटर कॉलेज, एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, कुल भास्कर इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, केसर विद्या पीठ इंटर कॉलेज, भारत स्काउट गाइड इंटर कॉलेज शामिल हैं। डीआईओएस पीएन सिंह के मुताबिक परीक्षकों को समय से मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। सभी जगहों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि अव्यवस्था ना फैले। इसके अलावा भी व्यवस्थापकों को मूल्यांकन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।