उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की नई प्रवक्ता भर्ती में जीआईसी की तर्ज पर साक्षात्कार हटाने की मांग शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से जीआईसी प्रवक्ता के लिए इंटरव्यू हटाने के बाद चयन बोर्ड की प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों ने भी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रवक्ता के चयन से साक्षात्कार हटाने की मांग की है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि एक बोर्ड, एक पदनाम होने के बाद चयन करने वाली संस्थाएं अलग होने से चयन का मानक अलग कर दिया गया।
प्रदेश के राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता के पदों के चयन के लिए अलग अलग मानक से अभ्यर्थी परेशान हैं। उनका कहना है कि जब प्रवक्ता पद के लिए पढ़ाने वालों के लिए योग्यता एक है तो उनके चयन के लिए अलग अलग परीक्षाएं क्यों हो रही हैं। प्रदेश सरकार के अधीन दोनों विद्यालय होने और दोनों के लिए यूपी बोर्ड से परीक्षा होने के चलते उनके लिए शिक्षकों के चयन के लिए अलग मानक कैसे हो सकता है। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के विक्की खान का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता पदों की भर्ती के लिए सरकार ने इंटरव्यू हटाकर सीधे मुख्य परीक्षा के अंकों से चयन करने का फैसला किया है।
सरकार के इस निर्णय के बाद प्रतियोगी छात्र मोर्चा ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रवक्ता पदों के लिए भर्ती सीधे परीक्षा से करने की मांग की है। प्रतियोगी छात्रों ने चयन बोर्ड से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए जल्द घोषित होने वाली शिक्षक भर्ती में प्रवक्ता पदों के चयन के लिए साक्षात्कार हटाने की मांग की है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से पहले ही टीजीटी की भर्ती से पहले ही साक्षात्कार हट गया है, अब प्रवक्ता भर्ती से साक्षात्कार हटाए।