कोविड के कारण सत्र प्रभावित होने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सेमेस्टर एवं वार्षिक परीक्षाओं को पटरी पर लाने की कवायद अभी से शुरू हो गई है। विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं मार्च और वार्षिक परीक्षाएं मई में कराए जाने की तैयारी है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। साथ ही परीक्षा के प्रारूप पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार भी किया जा रहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया तकरीबन पूरी हो चुकी है। वहीं, परास्नातक में प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। कोविड के कारण सत्र काफी पिछड़ा चुका है और इसे पटरी पर भी लाना है। साथ ही कोर्स भी समय से पूरा कराना है। ऐसे में आगामी परीक्षाओं को लेकर इविवि प्रशासन को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब इन्हीं चुनौतियों से निपटने का रास्ता ढूंढ रहा है। कोविड से अभी राहत नहीं मिली है और परीक्षा समय से पूरी करानी है। सामान्य परिस्थितियों में परास्नातक विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर में पूरी हो जाती थीं, लेकिन इस बार परीक्षाएं शुरू भी नहीं हो सकीं है।
विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं मार्च में कराए जाने की तैयारी है। ऐसे में परीक्षाएं तीन माह विलंब से शुरू हो सकेंगी। वहीं, बड़ी चुनौती स्नातक की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन है। सामान्य परिस्थितियों में वार्षिक परीक्षाएं मार्च में शुरू हो जाती थीं, लेकिन इस बार वार्षिक परीक्षाएं मई में कराने की तैयारी है। इस बारे में इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह फिलहाल सेमेस्टर परीक्षाएं मार्च और वार्षिक परीक्षाएं मई में कराने की तैयारी है। परीक्षाओं का प्रारूप क्या होगा, कोविड से बचते हुए परीक्षाएं किस तरह से कराई जाएंगी, ऐसे तमाम बिंदुओं पर निर्णय होना अभी बाकी है।