खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल बदस्तूर जारी है। इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा। विधान परिषद की टीम के आगमन से पहले डीएम संजय कुमार खत्री ने बृहस्पतिवार को बैठक कर इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने अभिहित अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दिया। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के चार निरीक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में विभाग ने 715 संदिग्ध नमूने लिए थे। 705 की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें से 506 नमूने फेल पाए गए। इसी तरह से वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 95 संदिग्ध नमूने लिए जा चुके हैं। 22 की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें से 12 नमूने फेल पाए गए हैं। यानी, मानक के अनुरूप नहीं थे। हालांकि राहत की बात इतनी जरूर है कि इनमें खतरनाक रसायन या जहरीले पदार्थ नहीं मिले थे। इस स्थिति को लेकर विधानसभा में भी सवाल पूछे जा चुके हैं। इसी क्रम में विधान परिषद की खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन से जनजीवन की स्वास्थ्य समस्याओं पर रोकथाम संबंधी समिति शनिवार को समीक्षा बैठक करेगी। समिति में 20 सदस्य शामिल हैं, जो शुक्रवार को ही आ जाएंगे।
इसी परिप्रेक्ष्य में डीएम ने बैठक ली। काम में लापरवाही पर उन्होंने अभिहित अधिकारी ममता चौधरी का वेतन रोकने का आदेश दिया। खाद्य निरीक्षक संजय कुमार सिंह, संदीप यादव, रत्नेश कुमार, प्रफुल्ल कुमार से स्पष्टीकरण तलब किया। डीएम ने लगातार प्रवर्तन और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील स्तर पर केंद्र खोलने के भी निर्देश दिए। डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर को भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी, नगर निगम, शिक्षा, कृषि आदि विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सिटी एके कनौजिया समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।
बंदी के निधन की मजिस्ट्रेटी जांच एसीएम द्वितीय को
सिद्धदोष बंदी प्यारे लाल के निधन की जांच एसीएम टू को दी गई है। इस संबंध में तीन सितंबर को एसीएम टू कार्यालय में बयान दर्ज कराया जा सकता है।