ट्रेन संबंधी सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में असीम संभावनाएं हैं। इसी वजह से बॉलीवुड के तमाम निर्देशक यूपी में शूटिंग के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘चिल्ड्रेन ऑफ फ्रीडम’ वेब सीरीज कुल आठ पार्ट में बनाई जा रही है। हर एक 40 मिनट का है।
कहा कि इस फिल्म की शूटिंग दो माह पूर्व ही शुरू की गई है। अब ट्रेन के अंदर कुछ दृश्यों की शूटिंग 24 जून को कानपुुर में होनी है। उसके बाद लखनऊ की कुछ लोकेशन पर फिल्म की शूटिंग होगी। लॉरेंस डिसूजा के अनुसार फिल्म के मुकाबले वेब सीरीज में लंबी कहानी बनाने का वक्त मिलता है, जबकि फिल्म में दो से ढाई घंटे में ही पूरी स्टोरी दिखानी पड़ती है।
एनसीआर में सिंगल विंडो सिस्टम होने से बॉलीवुड को मिल रहा फायदा
रेलवे में किराये की ट्रेन लेने में पहले निर्देशकों को खासी मशक्कत करनी पड़ती थी। लेकिन, अब एनसीआर में सिंगल विंडो सिस्टम हो जाने से एक जगह से ही सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं। पीआरओ रागिनी सिंह के नेतृत्व में यहां जनसंपर्क विभाग से ही शूटिंग आदि से जुड़ी सारी प्रक्रियाएं पूरी हो जाती हैं, जबकि पहले रेलवे के कई विभागों में जाकर एनओसी लेनी पड़ती थी। प्रक्रिया आसान हो जाने की पिछले साल विधु विनोद चोपड़ा ने भी सराहना की थी। इतना ही नहीं, एनसीआर द्वारा बनाई गई कॉफी टेबल बुक ने भी बॉलीवुड की राह आसान कर दी है। कॉफी टेबल बुक में एनसीआर के सभी महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल के बारे में उल्लेख किया गया है। उससे निर्देशकों को शूटिंग लोकेशन तलाशने में आसानी हो जाती है।