कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि 14 अगस्त 1947 को विभाजन के चलते फैली हिंसा की वजह से हमारे लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा। बहुत से लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उनकी स्मृति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 14 अगस्त का दिन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय सही है और इसका हर किसी को स्वागत करना चाहिए।
शहर पश्चिमी में आयोजित एक कार्यक्रम में सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि 15 अगस्त को हम स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं लेकिन उसके एक दिन पहले 14 अगस्त को भारत का विभाजन हुआ था, तब लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। लाखों लोगों को दुख था, क्योंकि पाकिस्तान से भारत और भारत से पाकिस्तान जाना पड़ा। लेकिन पाकिस्तान से लोगों को भगाया गया, वे सभी अपनी जान बचाने के लिए भारत आए।
वह विभीषिका का दिन था। उधर सिद्धार्थ नाथ द्वारा चक मीरापट्टी में बाढ़ ग्रस्त प्रभावित क्षेत्रों में दौरा करने के बाद वहां साफ सफाई और पानी की निकासी का काम युद्ध स्तर से किए जाने पर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। सिद्धार्थ नाथ के मीडिया प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि कैबिनेट मंत्री रविवार को सुबह नौ बजे सरस्वती शिशु मंदिर राजरूपपुर में ध्वजारोहण करेंगे। इस मौके पर महामंत्री देवेश सिंह, कमलेश कुमार, दीनानाथ कुशवाहा, प्रदीप कुशवाहा, अरविंद सेन, ज्ञान दिवाकर, सुनील निषाद आदि मौजूद रहे।