स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के डाक्टर हत्या के प्रयास के आरोपी नगर पंचायत कुंडा अध्यक्ष गुलशन यादव का 13 महीने में उपचार नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें रीढ़ की हड्डी में खिंचाव व यूरिनल इंफेक्शन के कारण पिछले साल 17 मार्च को भर्ती कराया गया था। उन्हें इन दोनों बीमारी से राहत मिली तो अब हाइपर टेंशन का इलाज कराने के लिए भर्ती हो गए। यहां के डाक्टर जेल प्रशासन को इलाज की ठीक से जानकारी भी नहीं दे रहे हैं।
कुंडा के सहिबापुर जमेठी निवासी पुष्पेंद्र सिंह को गोली मारकर हत्या के प्रयास में कुंडा नगर पंचायत अध्यक्ष गुलशन यादव 11 सितंबर 2014 से प्रतापगढ़ जिला जेल में थे। पिछले वर्ष 17 मार्च को एसआरएन के आर्थो विभाग के वार्ड नंबर दो में में उनको उपचार के लिए लाया गया। अस्पताल रिकार्ड के अनुसार पहले रीढ़ की हड्डी में खिंचाव और यूरिनल इंफेक्शन का उचार हुआ। दोनों बीमारियां ठीक हुईं तो हाइपर टेंशन की शिकायत पर उनका मेडिसिन विभाग के डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता की देखरेख में इलाज शुरू हुआ और वार्ड 11 का बेड नंबर नौ आवंटित किया गया। तब से यहीं पर भर्ती हैं। चिकित्सक यह बताने की स्थिति में नहीं है कि कब तक इलाज होगा। विचाराधीन कैदी के 13 महीने तक उपचार के लिए भर्ती रहने से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
‘कैदी गुलशन यादव को उपचार के लिए एसआरएन चिकित्सालय में 17 मार्च 2016 को भर्ती कराया गया था। उसके बाद एसआरएन चिकित्सालय प्रशासन को सूचित कर जानकारी मांगी गई लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है।’
-दिलीप पांडेय, जेल अधीक्षक प्रतापगढ़
‘गुलशन यादव की बीमारी और उनको एसआरएन से डिसचार्ज कराने के बारे में प्रतापगढ़ जेल से कई चिट्ठी लिखी जा चुकी है लेकिन अस्पताल की ओर से को जवाब नहीं मिला है।’ केदार नाथ, प्रभारी डीआईजी कारागार
‘यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।’ -एसपी सिंह, प्राचार्य, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज