कुकुरमुत्ते की तरह उग आई हैं फर्में
कोर्ट ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में नौकरी देने वाली फर्जी एजेंसियां और फर्में कुकरमुत्ते की तरह उग आई हैं। इनका मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को सरकारी क्षेत्रों के साथ-साथ विदेशों में रोजगार का प्रलोभन देकर ठगी करना है। आकर्षक नौकरी के लालच में युवा इनका शिकार हो रहे हैं। घर की संपत्तियां बेचकर या ज्यादा ब्याज पर ऋण लेकर भुगतान कर रहे हैं। फर्जी कंसल्टेंसी एजेंसियां जब रातोंरात गायब हो जाती हैं, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चलता है। इससे उनका भविष्य चौपट हो जाता है। इस स्थिति से उबरना आसान नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि इन सफेदपोश अपराधियों से सख्ती से निपटते हुए दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।