नया आयोग अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती का विज्ञापन अलग से जारी करेगा। भर्ती परीक्षा भी अलग से आयोजित की जाएगी। इंटरव्यू बोर्ड में आयोग के सदस्य तो शामिल होंगे, लेकिन एक्सपर्ट अल्पसंख्यक समुदाय से ही लिए जाएंगे। प्रदेश के 21 अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में शिक्षकों के तकरीबन साढ़े पांच सौ पद हैं, जिनमें दो सौ से अधिक पद खाली हैं।
अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में वर्ष 2012 के बाद से कोई भर्ती नहीं हुई है। कुछ कॉलेज तो महज तीन-चार शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं और बंद होने की कगार पर हैं। यही वजह है कि पिछले दिनों पांच महाविद्यालयों को उच्च शिक्षा विभाग ने प्रबंधन स्तर से ही भर्ती की अनुमति दे दी। हालांकि, बहुत ही सीमित पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई है। बाकी पदों पर भर्ती नए आयोग के गठन के बाद ही होगी।