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आरओ-एआरओ 2016 की उत्तरकुंजी जारी

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ढाई साल बाद आरओ-एआरओ 2016 की उत्तरकुंजी जारी
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2016 की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी कर दी। उत्तरकुंजी में सामान्य अध्ययन के चार सवाल हटाए गए हैं और दो सवालों के दो-दो विकल्पों को सही माना गया है। आयोग ने उत्तरकुंजी पर अभ्यर्थियों से 26 जुलाई तक आपत्तियां मांगी हैं।
प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक मामले की सीबीसीआईडी जांच चल रही थी। पिछले दिनों सीबीसीआईडी ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुति की, जिसमें कहा गया कि जांच में पेपर लीक से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले। रिपोर्ट आते ही परीक्षा का रिजल्ट घोषित किए जाने का रास्ता साफ हो गया था और आयोग ने उत्तरकुुंजी जारी करते हुए इस बात पर मुहर भी लगा दी। आयोग ने सामान्य अध्ययन एवं सामान्य हिंदी विषय की चारों सिरीज की उत्तर पुस्तिकाओं की उत्तरकुुंजी अपनी वेबसाइट पर जारी की है।
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आयोग के परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार मिश्र के अनुसार उत्तरकुंजी आयोग की वेबसाइट पर 25 जुलाई तक उपलब्ध रहेगी। अभ्यर्थियों को आपत्तियों से संबंधित अपना प्रत्यावेदन साक्ष्य सहित दिए गए प्रारूप में सामान्य अध्ययन एवं सामान्य हिंदी दोनों विषयों के लिए अलग-अलग प्रेषित करना होगा।
अभ्यर्थी अपनी आपत्ति दिए गए प्रारूप पर भरकर और साक्ष्यों की स्कैन कॉपी (पठनीय कॉपी) आयोग के ई-मेल ‘keyroarop16@gmail.com’ पर 26 जुलाई तक भेजना सुनिश्चित करेंगे। ई-मेल के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
पहली बार केवल ऑनलाइन आपत्तियां होंगी स्वीकार
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि भ्रष्टाचार की शिकायतों से निपटने के लिए पहला कदम यही होगा कि परीक्षा संबंधी प्रत्येक प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया जाएगा ताकि अभ्यर्थियों को आयोग के कर्मचारियों एवं अफसरों से सीधा संपर्क न हो। आरओ/एआरओ-2016 से इस प्रक्रिया को लागू कर दिया गया है। पहले अन्य परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी होने के बाद डाक के माध्यम से या सीधे आयोग के काउंटर पर भी आपत्तियां स्वीकार की जाती थीं। अभ्यर्थी सीधे आयोग के काउंटर पर आकर अपना प्रत्यावेदन देते थे लेकिन पहली बाद आयोग ने डाक के माध्यम से या सीधे आयोग के काउंटर पर उपस्थित होकर आपत्ति से संबंधित प्रत्यावेदन देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है और निर्णय लिया है कि केवल ई-मेल पर ऑनलाइन आपत्तियां ही स्वीकार की जाएंगी।
361 पदों पर भर्ती के लिए हुई थी परीक्षा
आरओ/एआरओ -2016 की प्रारंभिक परीक्षा 27 नवंबर 2016 को आरओ/एआरओ के 361 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। 21 जिलों के 827 परीक्षा केंद्रों में आयोजित परीक्षा के लिए 385191 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा दो पालियों में हुई थी। पहली पाली में 204907 (53.20) एवं दूसरी पाली में 203261 (52.77 फीसदी) अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।
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यह था पूरा विवाद
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि प्रारंभिक परीक्षा से कुछ देर लखनऊ के एक सेंटर से पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की थी कि मामले की जांच कराई जाए और एफआईआर भी दर्ज हो। आयोग ने अभ्यर्थियों की मांगें नहीं मानी। इसके बाद आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद सीबीसीआईडी ने इसकी जांच शुरू कर दी। सीबीसीआईडी की ओर से पिछले दिनों प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट में कहा गया कि पेपर लीक मामले में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। पेपर लीक मामले में शिवनाथ मौर्य नाम के जिस शख्स का नाम सामने आया था, उसकी मृत्यु परीक्षा के एक साल बाद 24 नवंबर 2017 को हो गई थी। ऐसे में विवेचना की श्रृंखला का महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो गया है और आरोप सिद्ध नहीं हो रहे हैं।
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