प्रमुख सचिव ने टेंडर प्रक्रिया के तहत अस्थाई सड़कों, पांटून पुलों के साथ ही विद्युतीकरण के कार्यों का मजिस्ट्रेट लेवल पर लगातार निगरानी रखने के लिए हिदायत दी। कहा कि किसी भी दशा में घटिया सामग्री का इस्तेमाल न किया जाए। ऐसा पाए जाने पर संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि 10 दिन के भीतर मेले की तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके बाद वह खुद आकर किए गए कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
प्रमुख सचिव ने मेले में भूमि आवंटन के दौरान धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं और संतों, तीर्थपुरोहितों के बीच किसी तरह के विवाद न होने पाएं, इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भूमि आवंटन के लिए एक खाका तैयार कर लें,ताकि भूमि की वजह से संस्थाओं में आपस में भिड़ंत होने की संभावना कम की जा सके।
ड्रोन से होगा माघ मेला के कार्यों का सत्यापन
माघ मेला क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों का सत्यापन योगी आदित्यनाथ सरकार ड्रोन के माध्यम से कराएगी। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने शनिवार को इसके लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दो से तीन दिन में कार्यों में प्रगति की हकीकत ड्रोन के माध्यम से जानी जाएगी।
मेला क्षेत्र को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए दोना-पत्तल को मिलेगा बढ़ावा
मेला क्षेत्र को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को दोना-पत्तल को विकल्प के रूप में प्रोत्साहन देने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख सचिव ने कहा कि अगर लोगों को विकल्प नहीं दिया जाएगा, तो मेले को पॉलिथीन मुक्त बनाना बनाना संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ भारत अवार्ड के लिए माघ मेला क्षेत्र का भी सर्वे कराने पर जोर दिया।
संतों-भक्तों के लिए पांच सौ बेड की बनेगी डारमेट्री
मेला प्रशासन की ओर से इस बार कुंभ की तर्ज पर वेंडिंग जोन में एकरूपता लाने के साथ ही संतों-भक्तों के ठहराव के लिए पांच सौ बेड की डॉरमेट्री के निर्माण की भी जानकारी दी गई। मेलाधिकारी ने प्रमुख सचिव को बताया कि मेला खत्म होने के बाद भी वहां पर शौचालय एवं बिजली की व्यवस्था बनी रहेगी।