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प्रयागराज : स्वर्णिम विजय मशाल से रोशन हुआ विजयनगरम हाल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुआ मशाल का भव्य स्वागत

Mon, 22 Nov 2021 10:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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Prayagraj News : इलाहाबाद विवि में स्वर्णिम विजय मशाल का स्वागत करतीं कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव। - फोटो : प्रयागराज
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प्रधानमंत्री द्वारा प्रज्ज्वलित स्वर्णिम विजय मशाल सोमवार शाम साढ़े पांच बजे 134 साल पुराने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विजयनगरम हाल पहुंची। वहां यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल एस. मोहन ने यह मशाल कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को सौंपी। जिसे कुलपति ने विजयनगरम हाल के सामने स्थापित किया ।  

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लेफ्टिनेंट जनरल एस. मोहन ने कहा कि वह इस विजय मशाल को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लाकर गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने स्वर्णिम विजय वर्ष 2021 की चर्चा करते हुए कहा कि 1971 के युद्ध के पश्चात भारतीय सेना ने अपनी कीर्ति की अमर छाप छोड़ी।  कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने वर्ष 1971 के उन पलों को याद करते हुए कहा कि उस वक्त वह काफी छोटी थीं, लेकिन युद्ध की विभीषिका भूलती नहीं, जब पूरे शहर में ब्लैक आउट हो जाया करता था।

सायरन की आवाज सुनाई देती थी और जनजीवन रुक जाता था। 1971 का युद्ध भारतीय सेना के इतिहास में ही नहीं बल्कि विश्व सैन्य इतिहास में एक खास स्थान रखता है। कुलपति ने कैप्टन महेंद्र नाथ मुल्ला के बलिदान का भी जिक्र किया।
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इस मौके पर आर्मी के सिंफनी बैंड ने कई ओजपूर्ण गानों की धुन बजाई गई । जिनमें कदम कदम बढ़ाएगा, वंदेमातरम प्रमुख थे। संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ और ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ जैसे भावपूर्ण गीतों की प्रस्तुति दी। कवि श्लेष गौतम ने देशभक्ति कविता का पाठ किया और प्रो. राजाराम यादव ने ‘जब सारी दुनिया सोती थी’ कविता का पाठ किया। शाम सात बजे सेना के वरिष्ठ अधिकारी विजय मशाल के साथ लौट गए । कार्यक्रम का संचालन डॉ. जया कपूर ने किया।

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योद्धा के घर पहुंची स्वर्णिम विजय मशाल, हाईकोर्ट में हुआ स्वागत

स्वर्णिम विजय मशाल सोमवार को युद्ध में शिरकत कर चुके कर्नल एनएस परहर के घर ले जाई गई। वहां मेजर धनंजय सिंह ने इस युद्ध के योद्धा को अपने हाथ से मशाल थमाई। इस दौरान वहां जय हिंद का भी उद्घोष हुआ। बाद में मशाल को लेकर सेना के जवान इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे। वहां जीओसी मध्य भारत लेफ्टिनेंट जनरल एस मोहन और पूर्वी यूपी एवं एमपी सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल जेएस बैंसला ने स्वर्णिम विजय मशाल चीफ जस्टिस राजेश बिंदल को सौंपी।

हाईकोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में विजय मशाल के सम्मान में सैना के बैंड की ओर से देशभक्ति गाने की धुन बजाई गई। इस दौरान वहां हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति, अधिवक्ता, सेना के अफसर एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। हाईकोर्ट में आयोजित कार्यक्रम के बाद स्वर्णिम विजय मशाल जुलूस की शक्ल में इलाहाबाद विश्वविद्यालय पहुंची। रास्ते भर इस यात्रा का स्वागत हुआ। इसके पूर्व सुबह दस बजे के आसपास स्वर्णिम विजय मशाल न्यू कैंट से हाशिमपुर रोड स्थित कमला नेहरू अस्पताल परिसर में खुली जीप से लाई गई। यहां 1971 के युद्ध में सेना को आयुध की आपूर्ति करने वाले वीर योद्धा सेवानिवृत्त कर्नल नरिंदर सिंह परहर को मशाल सौंपी गई। तकरीबन 30 मिनट तक मशाल कर्नल नरिंदर सिंह परहर के आवास पर ही रखी गई। 

मंगलवार को एमएनएनआईटी जाएगी स्वर्णिम विजय मशाल
1971 की युद्ध जीत में मिली जीत केसम्मान में 16 दिसंबर 2020 को युद्ध स्मारक पर पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा जलाई गई स्वर्णिम विजय मशाल मंगलवार को मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जाएगी। इस दौरान वहां 1971 युद्ध को लेकर बनाई गई डाक्यूमेंट्री वहां से विद्यार्थियों को दिखाई जाएगी। संस्थान में इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। वहां से विजय मशाल प्रतापगढ़ जाएगी।
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