Prayagraj News : विवादित बाबा यति नरसिंहानंद का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया गया।
- फोटो : प्रयागराज
विवादित बाबा यति नरसिंहानंद गिरि को जूना अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाने के पंच दशनाम जूना अखाड़े के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। प्रयागराज के तीर्थपुरोहितों ने इस निर्णय को गलत ठहराया है। तीर्थपुरोहितों की संस्था प्रयागवाल सभा ने आपात बैठक कर यति के पट्टाभिषेक के विरोध में प्रस्ताव पारित किया। इसमें जूना अखाड़े के इस निर्णय को न बदलने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
दारागंज में हुई प्रयागवाल सभा की बैठक में चेताया गया कि अगर जूना अखाड़ा विवादित बाबा यति नरसिंहानंद को महामंडलेश्वर पद से नहीं हटाता है, तो इसके विरोध में तीर्थपुरोहित सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। तीर्थपुरोहितों का कहना है कि महामंडलेश्वर, पीठाधीश्वर जैसे पदों पर आसीन संतों के अच्छे कार्यों का समाज अनुसरण करता है, लेकिन विवादित बाबाओं या खराब छबि के लोगों को ऐसे पदों पर महिमामंडित किए जाने सेे गलत संदेश जाता है।
यति को महामंडलेश्वर बनाने की क्या मजबूरी, स्पष्ट करे जूना अखाड़ा
ऐसे में इस निर्णय में सुधार की जरूरत है। प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्र मिश्र ने सवाल खड़ा किया कि विवादित बाबा यति को महामंडलेश्वर बनाने की क्या मजबूरी थी? इसका जूना अखाड़े पदाधिकारियों को सार्वजनिक तौर पर जवाब देना चाहिए। वह भी ऐसे समय जब पहले से उनकी विवादित छबि के बारे में लोगों को पता है। इतना ही नहीं, उन पर कई जिलों में भड़काऊ टिप्पणियां करने को लेकर सौ से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। ऐसे में यति को किसी भी दशा में ऐसे अहम पद की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए थी। इस मौके पर शंभूदत्त तिवारी, तीर्थपुरोहित राजेंद्र पालीवाल,वैभव मिश्रा, रितुराज मिश्र, शिवजी शर्मा, विराट मिश्र समेत तमाम तीर्थपुरोहित उपस्थित थे।
जूना अखाड़े पर पैसा लेकर पदवी बांटने का आरोप
परी अखाड़े की पीठाधीश्वर त्रिकाल भवंता ने शनिवार को विवादित यति नरसिंहानंद को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर जूना अखाड़े को घेरने की कोशिश की। उन्होंने जूना अखाड़े पर पैसे लेकर महामंडलेश्वर की पदवी बांटने का आरोप लगाया। त्रिकाल भवंता ने कहा कि जूना अखाड़ा हमेशा मोटी रकम लेकर लोगों को उपाधियां बांटता रहा है। इस तरह के धंधे पर रोक लगनी चाहिए। इससे सनातनधर्म की मर्यादा धूमिल होती है।