रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर मामले में निलंबित चल रहे सीआईटी एसके पांडेय को रेलवे ने बहाल कर दिया है। आरोपी सीआईटी की बहाली उस समय की गई है जब उसके खिलाफ अभी विभागीय जांच भी पूरी नहीं हो सकी है। फिलहाल सीआईटी एसके पांडेय को प्रयागराज जंक्शन स्थित सीआईटी स्टेशन के अधीन पोस्ट किया गया है।
दरअसल रोस्टर पर पर फर्जी हस्ताक्षर मामले में तीन माह पूर्व ही सीआईटी रोस्टर (मुख्य टिकट निरीक्षक) एसके पांडेय को निलंबित किया गया था। इस मामले में तमाम टीटीई के घर बैठे वेतन एवं भत्ता लिए जाने के मामले में विभागीय जांच चल रही है। विजिलेंस टीम भी लगातार इस मामले में कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रही है। इस बीच जांच के दौरान ही आरोपी सीआईटी को बहाल कर दिया गया।
हालांकि अफसरों का यही कहना है कि चार्जशीट देने की समय सीमा के बाद बहाली होती है। अगर जांच में वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस बीच विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को पांच रेलकर्मियों के इस मामले में बयान दर्ज किए। तीन अन्य कर्मचारियों के बयान भी शनिवार या फिर सोमवार को लिए जा सकते हैं।
बता दें कि रोस्टर में फर्जी दस्तखत मामले की शिकायत पीएमओ और रेल मंत्रालय से भी की गई है। इस मामले में यहां सीनियर डीसीएम वन रहे अंशु पांडेय ने ही सीआईटी को निलंबित करने की कार्रवाई की थी। इसके बाद टीटीई की ड्यूटी वाले रोस्टर रजिस्टर, लॉबी का रिकार्ड, बैंक स्टेटमेंट को भी विजिलेंस अपने कब्जे में ले चुकी है।