सिविल लाइंस में रोडवेज बस ड्राइवर विवेक सिंह की पिटाई के बाद जमकर हंगामा हुआ। स्कूटी में टक्कर लगने को लेकर 50 से 60 की संख्या में पहुंचे हमलावरों ने बस अड्डे के भीतर घुसकर ड्राइवर को जमकर पीट दिया। यही नहीं उसे थाने भी उठा लाए। घटना से आक्रोशित रोडवेज कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। चक्काजाम करते हुए बसें खड़ी कर एमजी मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद थाने का घेराव भी किया। भुक्तभोगियों ने एक अधिवक्ता को नामजद व 40 अज्ञात पर केस दर्ज कराया है।
मूल रूप से कुंडा का रहने वाला विवेक सिविल लाइंस डिपो में संविदा चालक है। वह कंडक्टर शिवबाबू के साथ बुधवार शाम 4.30 बजे के करीब बस लेकर सुल्तानपुर से लौटा। इसी दौरान वहां 30-40 की संख्या में पहुंचे हमलावर बस में चढ़े और उसे लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। रोकने पर कंडक्टर को भी पीटा। शोरगुल मचा तो वहां मौजूद कर्मचारी दौड़े जिस पर हमलावर भाग निकले।
इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने आड़े-तिरछे ढंग से बसें खड़ी कर एमजी मार्ग को जाम कर दिया। साथ ही कार्रवाई की मांग करने लगे। कुछ देर बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों व अधिकारियों ने थाने पहुंचकर घेराव कर दिया। उनकी मांग थी कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
मौकेपर सीओ अभिषेक भारती भी पहुंचे और उनसे बातचीत की। इसके बाद ड्राइवर व कंडक्टर की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया। सीओ ने बताया कि तहरीर के आधार पर खुद को अधिवक्ता शशांक शुक्ला को नामजद करते हुए 40 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच पड़ताल की जा रही है।
सुबह हुआ था विवाद
पिटाई में ड्राइवर चोटिल भी हुआ। सिविल लाइंस थाने में उसने पुलिस को बताया कि सुबह वह बस लेकर सुल्तानपुर जा रहा था। तभी बस अड्डे के गेट पर ही बस सामने से गुजर रही स्कूटी से छू गई थी। जिसपर स्कूटीसवार ने अपशब्द कहे। उस दौरान वहां मौजूद लोगों ने मामला शांत करा दिया था, जिसके बाद वह सुल्तानपुर चला गया था। शाम को वापसी में उस पर हमला कर दिया गया।
ड्राइवर पर भी दर्ज हुई रिपोर्ट
उधर इससे पहले सुबह हुए विवाद को लेकर अधिवक्ता शशांक शुक्ला की ओर से भी ड्राइवर पर केस दर्ज कराया गया है। आरोप है कि लापरवाही से वाहन चलाते हुए ड्राइवर ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। साथ ही टोकने पर गालीगलौज की। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है।