इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ में संविदा पर तैनात कार्यरत सफाई कर्मी को राहत देते हुए उसकी सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने बबलू की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया।
याची की ओर से कहा गया कि वह अनुबंध के आधार पर 2006 से ही बतौर सफाई कर्मी तैनात है। एक दिन अनुपस्थित और कदाचार के आरोप में उसकी सेवा को 26 मार्च 2022 को आदेश पारित समाप्ति कर दिया गया, जबकि यह आरोप गलत है। मामले में उसके द्वारा दिए गए जवाब पर विचार भी नहीं किया गया। लिहाजा, उसके सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द किया जाए। हालांकि, प्रतिवादी के अधिवक्ता ने विरोध किया।
कहा कि वह कई कार्यदिवसों पर अनुपस्थिति रहा है। इसके अलावा उसने अफसरों के साथ दुर्व्यवहार भी किया है। इसलिए उसकी सेवा समाप्ति कोई अवैध नहीं है। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए सफाई कर्मी की सेवा समाप्ति का आदेश रद्द कर दिया।