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PCS J 2022 : डिकोडिंग के बाद अब अभ्यर्थी बताएंगे, कॉपी बदली या नहीं, सभी को अपनी कॉपी देखने का मिलेगा मौका

Sun, 16 Jun 2024 11:58 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पीसीएस जे मुख्य परीक्षा-2022 के एक अभ्यर्थी ने सूचना के अधिकार के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका के अवलोकन के बाद दावा किया था कि अंग्रेजी विषय की कॉपी पर उसकी हैंडराइटिंग नहीं है। इसी आधार पर अभ्यर्थी ने कॉपी बदले जाने का आरोप लगाया था।
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यूपीपीएससी, UPPSC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से पीसीएस जे मुख्य परीक्षा-2022 की 18 हजार से अधिक कॉपियों के फेक मास्टरकोड काे डिकोड किए जाने के बाद कॉपियां अभ्यर्थियों को दिखाए जाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, कॉपियों की अदला-बदला के आरोप लगने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत कॉपियां देखने के लिए आवेदन कर रखे थे।

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पीसीएस जे मुख्य परीक्षा-2022 के एक अभ्यर्थी ने सूचना के अधिकार के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका के अवलोकन के बाद दावा किया था कि अंग्रेजी विषय की कॉपी पर उसकी हैंडराइटिंग नहीं है। इसी आधार पर अभ्यर्थी ने कॉपी बदले जाने का आरोप लगाया था। मामला न्यायालय में जाने के बाद आयोग ने पीसीएस जे मुख्य परीक्षा में शामिल 3019 अभ्यर्थियों की 18042 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शुरू करा दी थी।

इसके तहत सभी कॉपियों के फेक मास्टरकोड को डिकोड किया जा रहा था, ताकि कॉपी की अदला-बदली का सच सामने आ सके। फेक मास्टरकोड को डिकोड किए जाने के बाद पता चल सकेगा कि कौन सी कॉपी किस अभ्यर्थी की है। यूपीपीएससी ने जिस तरह सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की कॉपियां दिखाने का निर्णय लिया है, उससे यही संकेत मिल रहे हैं कि जांच के बाद आयोग परीक्षा की शुचिता को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हो चुका है।

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निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कॉपी देखने पहुंचेंगे अभ्यर्थी

आयोग के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा, जब परीक्षा में लगे गड़बड़ी के आरोपों के जवाब में सभी अभ्यर्थियों को अपनी कॉपियां देखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत प्रार्थना पत्र दिए थे और उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए अलग से तिथि प्रदान की जा चुकी थी, वे अभ्यर्थी भी आयोग की ओर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर अपनी कॉपी देखेंगे।
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आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में सूचना के अधिकार के तहत कॉपी देखने के लिए जो तिथि निर्धारित की गई थी, वह अब स्वत: निरस्त मानी जाएगी और भविष्य में भी उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए सूचना के अधिकार के साथ प्रार्थना पत्रों पर आयोग अलग से विचार नहीं करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए समय से उपस्थित न होने पर माना जाएगा कि अभ्यर्थी को निरीक्षण की आवश्यकता नहीं है और ऐसे अभ्यर्थी को भविष्य में कोई अन्य अवसर भी नहीं दिया जाएगा।

कॉपियों की संख्या काफी अधिक है, ऐसे में उनके निरीक्षण के लिए तकरीबन डेढ़ माह का वक्त निर्धारित किया गया है। कॉपियों का निरीक्षण 20 जून से शुरू होगा और 31 जुलाई तक चलेगा। निरीक्षण के लिए निर्धारित तिथियों पर चार सत्रों में अनुक्रमांकवार अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस विवाद पर भी विराम लग जाएगा कि पीसीएस जे मुख्य परीक्षा-2022 में कॉपियों की अदला-बदली किए जाने के आरोपों में कितना दम है।
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