यूपी में अब कोई भी वकील बिना सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) के न तो बार एसोसिएशन का चुनाव लड़ सकेगा और न ही बार के चुनाव में मतदान कर पाएगा। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने इस नियम को कड़ाई से लागू करने का फैसला लिया है।
बार कौंसिल के अध्यक्ष जानकी शरण पांडेय ने यह जानकारी देते हुए प्रदेश के सभी अधिवक्ता संघों व बार एसोसिएशनों से इसका पालन करने की अपेक्षा की है। उनका कहना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने मॉडल बायलॉज व वेरीफिकेशन के बाद यह स्पष्ट किया है कि संपूर्ण देश में अधिवक्ता एक ही बार एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया में शामिल होंगे व मतदान कर सकेंगे।
लेकिन इसके बावजूद वकीलों के एक से अधिक बार एसोसिएशन के सदस्य होने के कारण सीओपी कार्ड में दर्ज बार एसोसिएशन के अलावा भी चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने व मतदान की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी बार एसोसिएशनों और अधिवक्ता संघों से अपेक्षा की है कि अपने यहां चुनाव प्रक्रिया के समय वकील के सीओपी कार्ड व प्रमाण पत्र में संबंधित बार एसोसिएशन की आवश्यक रूप से जांच करके ही चुनाव लड़ने व मतदान करने दें।