बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी हिन्दुस्तान केबल्स लिमिटेड कंपनी के दिन बहुर गए हैं। अब इसे नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड के नाम से जाना जाएगा। सोमवार को अधिग्रहण की औपचारिकता पूरी हुई तो यहां कर्मचारियों में खुशी की लहर फैल गई।
हिन्दुस्तान केबल्स कंपनी बंद होने के कगार पर पहुंच गई थी। कर्मचारियों को दो साल से वेतन नहीं मिला था। कर्मचारियों के आंदोलन का असर रहा कि सितंबर 2016 में केंद्र सरकार ने कंपनी को टेकओवर करने पर मुहर लगा दी। इसके बाद हिदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड ने अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार को दिल्ली में हिन्दुस्तान केबल्स के सीएमडी और रक्षा मंत्रालय के अधीन हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड के एमडी के बीच अधिग्रहण की औपचारिकता पूरी की गई। इस दौरान यहां से कंपनी के यूनिट हेड अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित रहे। हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड ने कंपनी का नया नाम नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड रखा है।
नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड की सहायक कंपनी होगी। एक फरवरी से हिदुस्तान केबल्स के 125 कर्मचारी नई कंपनी ज्वाइन करेंगे। हिन्दुस्तान केबल्स श्रमिक संघ के मंत्री रमाकांत ने बताया कि कंपनी का विलय हो गया है। कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। अब उम्मीद है कि कर्मचारियों को दिक्कत नहीं होगी।
हिन्दुस्तान केबल्स लिमिटेड कंपनी की माली हालत खराब होने के दौरान 56 कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया था। उन्हें जब सोमवार को दिल्ली में अधिग्रहण की जानकारी हुई तो वे यहां कंपनी पहुंच गए।
इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वीआरएस नीति के तहत उन्हें जो जानकारी दी गई थी वह गलत है। वीआरएस पैकेज में कटौती कर कम धनराशि दी जा रही है। इन कर्मचारियों की मांग है कि उनकी वीआरएस की कार्रवाई को रद कर उन्हें भी नई कंपनी में समायोजित किया जाए। कर्मचारियों के हंगामे की खबर पर एसडीएम करछना एसके मिश्रा और सीओ करछना अलका भटनागर कंपनी पहुंचीं। एसडीएम ने कर्मचारियों को समझाबुझाकर शांत कराया।