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Prayagraj : सोची समझी साजिश थी मुट्ठीगंज की वारदात, साथ लाए थे ज्वलनशील पदार्थ, मां व बहनों ने थाम रखा था गैलन

Wed, 20 Mar 2024 01:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मुट्ठीगंज में टिंबर व्यवसायी के यहां हुई दिल दहला देने वाली वारदात कोई अचानक उपजा आक्रोश नहीं था। बताया जाता है कि घटना को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था। लेकिन हादसा इतना बड़ा रूप ले लेगा और इसमें दो परिवार खत्म हो जाएंगे इसकी कल्पना नहीं थी। 
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मुट्ठीगंज में आगजनी से दंपती की मौत हो गई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुट्ठीगंज में वारदात की वजह अचानक उपजा आक्रोश नहीं, बल्कि सोची समझी प्लानिंग थी। हमलावर ज्वलनशील पदार्थ साथ लेकर आए थे और जिन गैलनों में यह भरा था, उन्हें तीन महिलाओं ने अपने हाथों में थाम रखा था। इनमें टिंबर व्यवसायी की बहू की मां व दो बहनें शामिल थीं। यह बात खुद घटना की चश्मदीद व व्यवसायी की बेटी शिवानी ने पुलिस को बताई है।

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उसने बताया कि हमलावरों में भाभी के मायके वाले थे और इनमें महिलाएं भी थीं। यह लोग गैलनों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आए थे और इन गैलनों को भाभी की मां शशि, बहन सुरुचि व रिया ने अपने हाथों मे लिए हुए थीं।

घर में मौजूद चारों लाेगों को जमकर पीटने के बाद शशि के हाथ से सरदारी लाल, सुरुचि के हाथ से अंशू व रिया के हाथ से आदर्श ने गैलन लेकर सभी कमरों में ज्वलनशील पदार्थ डालना शुरू कर दिया। इसके बाद भाभी के दोनों भाइयों आदर्श व अंशू ने अपनी जेब से माचिस निकालकर आग लगा दी। इसके बाद घर के चारों लोगों को लात-घूंसों से पीटते हुए शटर बंद कर दिया। देखते ही देखते आग पूरे घर में फैल गई जिसमें जलकर उसके माता-पिता की मौत हो गई।

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मुट्ठीगंज में आत्महत्या करने वाली अंशिका अपने पति के साथ। - फोटो : अमर उजाला
रात 10 बजे के करीब हुई खुदकुशी की जानकारी

शिवानी ने पुलिस को यह भी बताया कि भाभी अंशिका की खुदकुशी की जानकारी परिवारवालों को रात 10 बजे के करीब हुई। बताया कि सोमवार 9:45 के आसपास भाई अंशू घर पर आया। पालतू कुत्ते को खाना देकर वह अपने भाभी को बुलाने अपने कमरे की ओर गया। दरवाजा भीतर से बंद था। भाई ने बहुत दरवाजा पीटा, फोन भी किया पर कोई जवाब नहीं मिला। उसने दरवाजे के ऊपर लगे रोशनदान के शीशे को तोड़कर देखा तो भाभी फंदे पर लटकी हुई थी।

इस पर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा तो घरवालों को जानकारी हुई। बगल में रहने वाले चाचा भी आ गए। इसके बाद भाई पुलिस को सूचना देने के लिए चाचा के साथ मुट्ठीगंज थाने गया। इसी दौरान उसने भाभी के परिवारवालों को भी फोन से सूचना दी। थोड़ी देर बाद घर पर पुलिसकर्मी आए और कुछ ही देर बाद भाभी के मायके के 60- 70 लोग भी आ गए।
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हादसे में माता-पिता को खोने वाली शिवानी। - फोटो : अमर उजाला
लाठी-डंडे भी लिए हुए थे, आते ही बोला हमला

शिवानी ने बताया कि पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भाभी को नीचे उतारा। इसके बाद जैसे ही भाई व पुलिस भाभी को लेकर बाहर गए, भाभी के पिता सरदारी लाल, भाई अंशू और आदर्श, बहन सुरुचि व उसका पति सचिन, छोटी बहन रिया, चाचा रशिक लाल व उनका बेटा शुभम, सचिन के चाचा चाची व अन्य बहुत से लोग हाथों मे लिए मोटे मोटे लकड़ी के डंडों से सबको पीटने लगे। उधर रशिक लाल व उनके दोनो बेटे शुभम व सूरज कमरों मे तोड़फोड़ करने लगे।

पालतू कुत्ते ने भी तोड़ा दम

इस घटना में टिंबर व्यवसायी के पालतू कुत्ते ने भी दम तोड़ दिया। उसका नाम जैकी था और परिवार के लोगों के लिए यह बेहद प्रिय था। शव की हालत देखने से लग रहा था कि उसकी मौत धुएं की वजह से हुई। माता-पिता की मौत से गमजदा व्यवसायी की बेटी शिवानी ने उसका भी शव देखा तो फफक पड़ी। दोपहर करीब दो बजे तक उसका शव घर के सामने ध्वस्त हो चुके सुलभ कॉम्पलेक्स के मलबे में पड़ा रहा। इसके बाद स्थानीय लोगाें ने नगर निगम को सूचना देकर इसे हटवाया।
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