मुट्ठीगंज में आत्महत्या करने वाली अंशिका अपने पति के साथ।
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रात 10 बजे के करीब हुई खुदकुशी की जानकारी
शिवानी ने पुलिस को यह भी बताया कि भाभी अंशिका की खुदकुशी की जानकारी परिवारवालों को रात 10 बजे के करीब हुई। बताया कि सोमवार 9:45 के आसपास भाई अंशू घर पर आया। पालतू कुत्ते को खाना देकर वह अपने भाभी को बुलाने अपने कमरे की ओर गया। दरवाजा भीतर से बंद था। भाई ने बहुत दरवाजा पीटा, फोन भी किया पर कोई जवाब नहीं मिला। उसने दरवाजे के ऊपर लगे रोशनदान के शीशे को तोड़कर देखा तो भाभी फंदे पर लटकी हुई थी।
इस पर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा तो घरवालों को जानकारी हुई। बगल में रहने वाले चाचा भी आ गए। इसके बाद भाई पुलिस को सूचना देने के लिए चाचा के साथ मुट्ठीगंज थाने गया। इसी दौरान उसने भाभी के परिवारवालों को भी फोन से सूचना दी। थोड़ी देर बाद घर पर पुलिसकर्मी आए और कुछ ही देर बाद भाभी के मायके के 60- 70 लोग भी आ गए।
हादसे में माता-पिता को खोने वाली शिवानी।
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लाठी-डंडे भी लिए हुए थे, आते ही बोला हमला
शिवानी ने बताया कि पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भाभी को नीचे उतारा। इसके बाद जैसे ही भाई व पुलिस भाभी को लेकर बाहर गए, भाभी के पिता सरदारी लाल, भाई अंशू और आदर्श, बहन सुरुचि व उसका पति सचिन, छोटी बहन रिया, चाचा रशिक लाल व उनका बेटा शुभम, सचिन के चाचा चाची व अन्य बहुत से लोग हाथों मे लिए मोटे मोटे लकड़ी के डंडों से सबको पीटने लगे। उधर रशिक लाल व उनके दोनो बेटे शुभम व सूरज कमरों मे तोड़फोड़ करने लगे।
पालतू कुत्ते ने भी तोड़ा दम
इस घटना में टिंबर व्यवसायी के पालतू कुत्ते ने भी दम तोड़ दिया। उसका नाम जैकी था और परिवार के लोगों के लिए यह बेहद प्रिय था। शव की हालत देखने से लग रहा था कि उसकी मौत धुएं की वजह से हुई। माता-पिता की मौत से गमजदा व्यवसायी की बेटी शिवानी ने उसका भी शव देखा तो फफक पड़ी। दोपहर करीब दो बजे तक उसका शव घर के सामने ध्वस्त हो चुके सुलभ कॉम्पलेक्स के मलबे में पड़ा रहा। इसके बाद स्थानीय लोगाें ने नगर निगम को सूचना देकर इसे हटवाया।