प्रदेश से गुजरने वाले रेलवे के ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी) के लिए जल्द ही एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क एवं तीन नए फ्रेट टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के बाद उत्तर प्रदेश में तैयार सामान आसानी से मालगाड़ियों के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल आदि राज्यों तक तेज गति से पहुंचाया जा सकेगा।
दरअसल, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के ईडीएफसी प्रोजेक्ट के तहत मालगाड़ियों के लिए अलग से ट्रैक बिछाया जा रहा है। शुक्रवार को जीएम एनसीआर राजीव चौधरी ने डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक एवं अन्य अफसरों के साथ ईडीएफसी में चल रहे कार्यों की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि ईडीएफसी के तहत कानपुर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद यहां से किसी भी तरह का सामान भेजने की सुविधा रहेगी। खास बात यह कि यहां से हर एक तरह के कंटेनर की भी लोडिंग एवं अनलोडिंग आसानी से होगी।
इसके अलावा ईडीएफसी के तहत टूंडला, मक्खनपुर और दाउद खां में नए फ्रेट टर्मिनल भी तैयार किए जाएंगे। बैठक में जीएम एनसीआर ने प्रबंध निदेशक डीएफसीसीआईएल आरएन सिंह को रेलवे और डीएफसी पटरियों के बीच ड्रेन के निर्माण में तेजी लाने, पुलों के प्रोटेक्शन कार्यों, आरयूबी एप्रोच के कार्यों को तेजी से पूरा करने को कहा।
आश्वासन दिया कि ईडीएफसी खुर्जा-कानपुर खंड चालू वित्त वर्ष के भीतर प्रारंभ हो जाएगा। बता दें कि फ्रेट कॉरिडोर का भाऊपुर-खुर्जा खंड पहले से ही परिचालन में है और लगभग 1400 मालगाड़ियों को इस डीएफसी नेटवर्क का उपयोग करके चलाया गया है। बैठक में एनसीआर के अपर महाप्रबंधक रंजन यादव समेत तीनों मंडलों के डीआरएम भी जुड़े।