स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने सोमवार को बलवा और पुलिस बल पर हमला करने, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में पूर्व विधायक विजमा यादव सहित 15 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। अभियुक्तों ने आरोप से इनकार कर विचारण किए जाने की याचना की है। स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार सिंह और एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता को सुनकर आरोप तय किया है।
घटना 21 सितंबर 2000 की थाना सराय इनायत के सहसों कस्बे की है। वादी मुकदमा कृपाशंकर दीक्षित थाना प्रभारी सराय इनायत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि श्याम बाबू केसरवानी के पुत्र आनंद जी केसरवानी (7 वर्ष) की अंदावा रोड पर हुई दुर्घटना से मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद पूर्व विधायक विजमा यादव सहित सभी लोगों ने उसके शव को सड़क पर रखकर बलवा किया।
घातक हथियारों से लैस होकर सड़क पर बल्ली ईट रखकर जाम लगाया। ईट पत्थर चलाकर पुलिस बल पर जानलेवा हमला किया, जिससे कई को चोटें आईं। अभियुक्त गणों पर यह भी आरोप तय किया गया कि उन्होंने भय का माहौल उत्पन्न किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोक शांति भंग हुई। अभियुक्तों द्वारा गाली देकर जान से मारने की धमकी दी गई। वाहनों को क्षतिग्रस्त किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
स्पेशल कोर्ट ने इस प्रकरण में पूर्व विधायक विजमा यादव, विनोद कुमार, पवन कुमार, चंद्र प्रकाश उर्फ कलेक्टर, दुर्गेश सिंह, जगन्नाथ, हरी लाल पाल, शिवदास, शिवप्रताप, अभय राज यादव, अशोक पाल,राजू सिंह, श्याम बाबू केसरवानी, जंग बहादुर प्रजापति और राजेश कुमार के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में आरोप तय किया है।