माना जाता है कि धनतेरस का पर्व धन, धान्य, समृद्धि के अलावा स्वास्थ्य, आरोग्यता का भी प्रतीक है। इसलिए इस दिन धन-धान्य की कामना से लक्ष्मी और कुबेर के साथ आरोग्य के लिए भगवान धनवंतरि की पूजा की जाती है। धनतेरस के बाद शनिवार को हनुमान जयंती होगी। इसी तरह 12 नवंबर को दीपावली पर संगमनगरी दीपमालाओं से जगमगाएगी। 13 नवंबर पितृ अमावस यानी पितृ पूजा और 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा होगी। 15 नवंबर 2023 को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा।
धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ : शुक्रवार दोपहर 12:38 से शनिवार की दोपहर 1:59 तक त्रयोदशी रहेगी।
पूजा मुहूर्त – शाम 05:17 बजे से रात 07: 57 तक रहेगा।
धनतेरस पर इन वस्तुओं को खरीदने से बचें
एल्यूमिनियम, लोहे की वस्तुएं, नुकीली या धारदार वस्तुएं, प्लास्टिक का सामान, कांच के बर्तन, काले रंग की वस्तुएं।