असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ प्राचार्य के पदों का अधियाचन भी लिया जाना है। नए आयोग को अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन कॉलेजों में शिक्षक के तकरीबन साढ़े पांच सौ पद सृजित है और इनमें 200 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक कॉलेजों में शिक्षक भर्ती आयोग की प्राथमिकता होगी, सो इन कॉलेजों से भी अधियाचन मंगाने की तैयारी की गई है।
सूत्रों के मुताबिक निदेशालय को शासन स्तर से संकेत मिले हैं कि असिस्टेंट प्रोफेसर और प्राचार्य के रिक्त पदों का अधियाचन मंगाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर दी जाए। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती की तैयारी है। आयोग का गठन होने के बाद वक्त कम रह जाएगा। अधियाचन मिलने के बाद ही आयोग भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा। ऐसे में निदेशालय स्तर से क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और कॉलेजों को पत्र लिखकर अधियाचन मंगाने की तैयारी कर ली गई है।