एमबीबीएस की छात्रा के आत्महत्या की जानकारी होते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और हॉस्टल की वार्डेन भी मौके पर पहुंच गए। वार्डेन डॉ. वत्सला मिश्रा ने बताया कि श्रुति श्रीवास्तव पढ़ाई में ठीक थी, लेकिन इस प्रकार का कदम उठा लेगी। इसकी उम्मीद नहीं थी।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस थर्ड इयर की छात्रा श्रुति श्रीवास्तव के आत्म हत्या की घटना के बाद पूरे कॉलेज परिसर में लोग स्तब्ध रह गए। जिसने भी उनके आत्म हत्या की घटना सुनी उसको भरोसा नहीं हुआ। सूचना मिलने के बाद कॉलेज के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। इस दौरान एमएलएन मेडिकल कॉलेज बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राएं डरी सहमी नजर आयी। छात्राओं से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ। साथी छात्राओं को घटना को लेकर विश्वास नहीं हो रहा था।
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एमबीबीएस की छात्रा के आत्महत्या की जानकारी होते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और हॉस्टल की वार्डेन भी मौके पर पहुंच गए। वार्डेन डॉ. वत्सला मिश्रा ने बताया कि श्रुति श्रीवास्तव पढ़ाई में ठीक थी, लेकिन इस प्रकार का कदम उठा लेगी। इसकी उम्मीद नहीं थी। उधर रात में घटना की जानकारी होने बाद हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं की भी नींद उड़ गई थी। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से उसके व्यवहार में बदलाव आया था।
इसी कारण उसकी डिप्रेसन की दवा भी चल रही थी। उसका व्यवहार अजीब सा होने लगा था, कभी कभी वह जोर-जोर से चिल्लाकर बोलती थी और कभी शांत रहने लगती थी। इसी कारण उसकी रूम पार्टन अलग कमरे में रहने लगी थी, लेकिन इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इतना अधिक डिप्रेसन में चली गई है। तीन-चार रोज पहले उसके परिवार के लोग भी मिलने आए थे। उसके बाद वह सामान्य व्यवहार कर रही थी। परिवार के आने के बाद अन्य बातें स्पष्ट हो सकेंगी।