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माघ मेला : कटान, दलदल के बाद शिविरों में पानी, चौतरफा मुसीबतों में घिरे कल्पवासी

Fri, 21 Jan 2022 04:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम की रेती पर 580 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसे माघ मेले पर असमय गंगा के जल प्रवाह में वृद्धि का खतरा बढ़ गया है। वह भी ऐसे समय जब अभी मेले के तीन स्नान पर्व बाकी है।मौनी अमावस्या का स्नान अगले माह की एक फरवरी को होगा।
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Prayagraj News : गंगा का जलस्तर बढ़ने से जलमग्न हुए शिविर। - फोटो : प्रयागराज
गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने की वजह से माघ मेले में आए कल्पवासियों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को भी शिविरों से पानी निकालने और फंसे कल्पवासियों, संतों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराने का सिलसिला चलता रहा। कड़ाके की ठंड में पानी से घिरने के बावजूद दर्जनों कल्पवासी प्रशासन की अपील पर दूसरी जगहों पर जाने के लिए तैयार नहीं हुए। इस बीच प्रवाह रोकने के लिए मेला प्रशासन ने अस्थाई तटबंध बनाने शुरू कर दिए हैं।


पानी भरने के बाद सेक्टर पांच स्थित ओल्डजीटी मार्ग से दर्जनों संस्थाओं के शिविरों के तंबू दिन भर हटाए जाते रहे। इन संस्थाओं को दूसरी जगहों पर शिफ्ट कराया जाता रहा। जबकि कई संस्थाओं के कल्पवासियों ने गंग द्वीप में पानी भरने के बाद भी हटने से इंकार कर दिया है।


उधर, त्रिवेणी और काली मार्ग पर भी कटान के साथ ही पानी लगातार शिविरों में फैलता जा रहा है। इस दिन भी कई गाटा मार्गों पर पानी आ गया। संगम की रेती पर बसे माघ मेले पर असमय गंगा के जल प्रवाह में वृद्धि से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। वह भी ऐसे समय जब अभी मेले के तीन स्नान पर्व बाकी हैं। मौनी अमावस्या का स्नान अगले माह की एक फरवरी को होगा।


इससे पहले गंगा में लगातार बढ़ते जलस्तर और तेजी से हो रही कटान ने शुक्रवार को सैकड़ों कल्पवासियों को अपनी चपेट में ले लिया। हालात काबू में करने के लिए दिन भर बालू पाटा जाता रहा, लेकिन स्थिति में बहुत सुधार नहीं है। पिछले साल के माघ मेले के समय से इस बार 107 सेंमी जलस्तर में वृद्धि हो गई है। इस वजह से शिविरों में लगातार पानी भरता जा रहा है।
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Prayagraj News : माघ मेले में कल्पवासियों के शिविर में भरा पानी। - फोटो : प्रयागराज
कहीं उजड़ न जाए जप-तप-ध्यान का मेला
जिस तरह से जलस्तर बढ़ रहा है उससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि अगर योगी आदित्यनाथ सरकार ने शीर्ष स्तर पर पहल करके जल प्रवाह को पश्चिमी नगरों में डायवर्ट करने या रोकने का उपाय नहीं किया तो समय से पहले ही जप,तप,ध्यान का मेला उजड़ने के लिए मजबूर हो जाएगा।

मंडलायुक्त संजय गोयल ने शुक्रवार को अफसरों के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने सेक्टर तीन स्थित गंगद्वीप के अलावा सेक्टर-दो के अलावा अन्य प्रभावित स्थानों पर प्रवाह रोकने के लिए सिंचाई विभाग को उपाय करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि मैन पावर बढ़ाए जाएं और ट्रैक्टर, पंप की संख्या बढ़ाकर मेला क्षेत्र से पानी निकाला जाए, ताकि कल्पवासियों को राहत मिल सके।


मंडलायुक्त ने प्रभावित संस्थाओं की सूची बनाने और उनको शिफ्ट कराकर मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जो लोग मूलभूत सुविधाएं देने के बाद भी स्थानांतरित नहीं होना चाहते, उनसे लिखित सहमति ली जाए।
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Prayagraj News : माघ मेले में कल्पवासियों के शिविर में भरा पानी। - फोटो : प्रयागराज
सुविधा के लिए महिला साध्वी के नग्न प्रदर्शन का मामला लखनऊ पहुंचा
महिला साध्वी के मेलाधिकारी कार्यालय पर नग्न प्रदर्शन करने की खबर लखनऊ तक पहुंच गई है। परी अखाड़े की पीठाधीश्वर ने हफ्तों मेलाधिकारी कार्यालय का चक्कर काटने के बाद नग्न प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बाद भी उनको सुविधाएं नहीं मिल सकीं।


इस मामले में मेला प्रशासन के कुछ अफसरों पर गाज गिरने के भी संकेत मिले हैं। इस मेला क्षेत्र में शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त को बताया गया कि इस बार कई संस्थाओं को अनुमन्य सुविधाएं अभी तक नहीं मिल सकी हैं। इस पर उन्होंने प्रभारी मेलाधिकारी को निर्देशित किया कि जो भी संस्थाएं अनुमन्य हैं, उन्हें सुविधाएं दी जाएं।

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Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
गंगा का जलस्तर बढ़ने से मेला क्षेत्र टापू में तब्दील हो गया है। इससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। 
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Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
मेला क्षेत्र में पानी भर जाने के कारण कल्पवासियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। जलस्तर लगातार बढ़ता रहा है। इसके चलते माघ मेले की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही है। सड़क और चकरप्लेटें पानी में डूब गई हैं। 
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