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माघ मेला प्रयागराज : गंगद्वीप के प्रभावित तीर्थपुरोहितों को उत्तरी पटरी पर दी गई जमीन

Wed, 19 Jan 2022 10:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गंगद्वीप में बसे तीर्थपुरोहितों और कल्पवासियों को फिर विस्थापित होना पड़ा। दरअसल गंगद्वीप में जलभराव के कारण तीर्थपुरोहितों, क ल्पवासियों को प्रशासन की ओर से सेक्टर पांच में स्थानांतरित करने के लिए कह दिया गया था।
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Prayagraj News : माघ मेला में शिविरों में पानी भर जाने से दूसरे शिविर में जाते कल्पवासी। - फोटो : प्रयागराज
संगम की रेती पर माघ मेले के दो प्रमुख स्नानपर्वों के बीत जाने के बावजूद तीर्थपुरोहितों और कल्पवासियों की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। लगातार बारिश और कटान से उपजी समस्याओं को छोड़ भी दें तो भूमि आवंटन से लेकर पांटून निर्माण तक अनेक व्यवस्थागत कारणों से भी मेले की बसावट में दिक्कतें बनी हुई हैं।


गंगद्वीप में बसे तीर्थपुरोहितों और कल्पवासियों को फिर विस्थापित होना पड़ा। दरअसल गंगद्वीप में जलभराव के कारण तीर्थपुरोहितों, क ल्पवासियों को प्रशासन की ओर से सेक्टर पांच में स्थानांतरित करने के लिए कह दिया गया था। तीर्थपुरोहितों का कहना था कि कल्पवासी तुलसी का पौधा रोपकर कल्पवास का संकल्प लेते हैं और स्थान परिवर्तन से उनकी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचती है।


नाराज तीर्थपुरोहितों ने इस पर आपत्ति जताई, साथ ही मेला क्षेत्र छोड़कर जाने की चेतावनी भी दे डाली। तीर्थपुरोहितों ने गंगद्वीप की दिक्कतें कम न होने के कारण बुधवार को पुल नंबर-5, ओल्ड जीटी रोड पर दोपहर में जाम लगा दिया।


यातायात बाधित होने पर मेला अधिकारी की ओर से एसडीएम मेला को मौके पर भेजकर समस्या के निस्तारण के लिए निर्देश दिया गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम मेला तथा राजस्व निरीक्षक शिवशंकर पटेल ने मौजूद तीर्थपुरोहितों, कल्पवासियों से उनकी समस्याएं सुनीं।


इस बीच तीर्थपुरोहितों की ओर से वरिष्ठ तीर्थपुरोहित राजेंद्र पालीवाल ने तीर्थपुरोहितों, कल्पवासियों को अन्यत्र भेजने के  बजाय गंगद्वीप में ही दक्षिणी के स्थान पर उत्तरी पटरी पर बसाने का सुझाव दिया ताकि कल्पवासी सुरक्षित रह सकें। इस फैसले के बाद तीर्थपुरोहितों और माघ प्रशासन के बीच सहमति बन सकी लेकिन तीर्थपुरोहितों ने वहां की अन्य समस्याओं को भी अविलंब निस्तारित कराने की मांग की।
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Prayagraj News : माघ मेला क्षेत्र में पानी भर जाने के बाद दूसरे शिविर में जाते कल्पवासी। - फोटो : प्रयागराज
कड़ाई से करें कोविड नियमों का पूरा पालन

तीर्थपुरोहितों ने अपने शिविरों में रह रहे कल्पवासियों से बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का पूरी तरह से कड़ाई के साथ पालन करने की अपील की है। प्रयाग धर्मसंघ के आह्वान के तहत जुटे तीर्थपुरोहितों ने कहा, हम सभी को पूर्ण रूप से कोविड के संपूर्ण नियमों का पालन करना चाहिए, तभी हम सभी सुरक्षित रह सकेंगे।


बैठक के दौरान तीर्थपुरोहितों ने फाफामऊ के किसी भी स्थान को चिन्हित कर बैराज बनाने की मांग भी दोहराई ताकि संगम क्षेत्र मे आवश्यकतानुसार ही जल छोड़ा जाए और गंगद्वीप जैसी समस्या की पुनरावृत्ति न हो।


इसी क्रम में तीर्थपुरोहितों ने संतों, तीर्थपुरोहितों के साथ भेदभाव न बरतने की अपील भी की ताकि सभी को समय से जमीन और सुविधाएं मिल सकें और मेला समय और सुव्यवस्थित तरीके से बस सके। प्रयागवाल तख्त पर संरक्षक तीर्थपुरोहित सुभाष पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में  अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, अमरनाथ तिवारी, गोपाल मिश्र, दिनकर पांडेय, अनुज तिवारी, उदय नारायण, आशुतोष आदि मौजूद थे।
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Prayagraj News : माघ मेले में कल्पवासियों के शिविर में पानी भर गया है। - फोटो : प्रयागराज
माघ मेले में कल्पवासियों के शिविर में पानी भर गया है। इससे कल्पवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को कल्पवासी दिन भर अपने सामान को दूसरे शिविर में सुरक्षित रखते रहे। 

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Prayagraj News : माघ मेले में कल्पवासियों के शिविर में पानी भर गया है। - फोटो : प्रयागराज
गंगा का जलस्तर बढ़ जाने के कारण कल्पवासियों की समस्या बढ़ गई है। प्रशासन भी कल्पवासियों की मदद में जुटा है और उनको दूसरे स्थान पर सुरक्षित पहुंचाने में मदद कर रहा है। 
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Prayagraj News : शिविर में पानी भर जाने के कारण सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते कल्पवासी। - फोटो : प्रयागराज
कई दिनों से गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके कारण किनारे पर लगे शिविरों में रहने वालों को दिक्कत हो रही है। कोरोना के चलते इस बार शिविर भी दूर-दूर तक बनाए गए हैं। 
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