इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिक वेतन भुगतान की बाद में वापसी का वचन लेकर ग्रेच्युटी से कटौती को विधि विरुद्ध करार दिया है।और पुलिस विभाग आजमगढ़ को 7लाख73हजार 632रुपये की ग्रेच्युटी से काटी गई राशि का दो माह में याची को वापस करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी जयराम की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि विभाग की गलती से अधिक वेतन भुगतान किया गया। सेवानिवृत्ति के बाद पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने बिना नोटिस व सुनवाई का मौका दिए ग्रेच्युटी से कटौती कर ली।और कहा कि याची ने कटौती करने पर सहमति दी है। जब कि याची का कहना था कि वेतन निर्धारण के समय कोई आश्वासन नहीं लिया गया था। सरोज बाला पांडेय केस के फैसले से का लाभ याची को दिया जाए।
सरकार का कहना था कि याची ने अधिक वेतनभुगतान की कटौती करने का वचन दिया है। इसलिए कटौती सही की गई है।याची का कहना था कि उसने कोई आश्वासन नहीं दिया वल्कि उससे फार्म पर जबरन हस्ताक्षर करा लिया गया।जिसमें खाली जगह नहीं भरी गयी थी।याची 29सितंबर 20को सेवानिवृत्त हुआ।लाभ देने की तिथि के बाद आश्वासन पत्र पर हस्ताक्षर लिए गए।ताकि वसूली की जा सके। कोर्ट ने काटी गई राशि याची को वापस करने का निर्देश दिया है।