यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने कमाल अहमद ख़ान की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। विनोद कुमार पुलिस अधीक्षक मैनपुरी ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर कहा कि याची का पूरा भुगतान कर दिया गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर महानिदेशक पुलिस उत्तर प्रदेश मुख्यालय लखनऊ को निर्देश दिया है कि ग्रेच्युटी भुगतान में देरी के कारण बकाया देयों का भुगतान 30 दिन में कर अनुपालन हलफनामा दाखिल करें अन्यथा कोर्ट इसे गंभीरता से लेगी। याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 18 जनवरी नियत की गई है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने कमाल अहमद ख़ान की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। विनोद कुमार पुलिस अधीक्षक मैनपुरी ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर कहा कि याची का पूरा भुगतान कर दिया गया है। ग्रेच्युटी भुगतान में देरी पर ब्याज के भुगतान का प्रकरण अपर महानिदेशक पुलिस को प्रेषित किया गया है। याची 21 अक्तूबर 20 को सेवानिवृत्त हो चुका है। उसके खिलाफ आपराधिक केस के कारण भुगतान रुका रहा। जबकि, उसे आपराधिक केस में बरी कर दिया गया है।
याची का कहना है कि केवल आपराधिक केस दर्ज होने पर किसी को सजा मिले बगैर दंडित नहीं किया जा सकता। इसलिए याची समस्त सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान पाने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा ग्रेच्युटी भुगतान में तीन साल की देरी पर ब्याज की मांग उचित है। कोर्ट ने अपर महानिदेशक पुलिस को 18 जनवरी तक का समय दिया है।