11 महीने पहले कीडगंज में लालापुर निवासी करन (22) की हत्या के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा और बैरहना चौकी प्रभारी दिलीप कुमार सिंह पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर साक्ष्य मिटाने का काम किया। इसके अलावा तीन सगे भाइयों को भी नामजद किया गया है। मृतक के पिता ने तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई न होेने पर कोर्ट में गुहार लगाई थी। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
रिपोर्ट लालापुर के अमिलिया तरहार निवासी राजाराम की तहरीर पर दर्ज की गई है। उसका आरोप है कि तीन सितंबर 2020 को उसका बेटा करन 20 हजार रुपये लेकर दुकान का सामान लेने चौक जाने को निकला। शाम को उसने बैरहना निवासी परिचित मोतीलाल के घर रुकने की बात फोन से अपने भाई को बताई। चार सितंबर को उससे बात नहीं हो सकी और पांच सितंबर को मोतीलाल के बेटे मोहित ने सूचना दी कि करन ने फांसी लगाकर जान दे दी है।
सूचना पर वह अपने परिजनों संग पहुंचा तो पता चला कि रात आठ बजे के करीब तत्कालीन इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी बैरहना ने बगैर पंचनामा कराए ही शव को मर्चरी भेजवा दिया। अगले दिन तहरीर देने के बावजूद रिपोर्ट नहीं दर्ज की जबकि बेटे के शरीर पर चोट के निशान थे। यही नहीं, नियमविरुद्ध तरीके से अगले दिन थाने में पंचायतनामा भरा। कार्रवाई नहीं होने पर सात सितंबर को उसने प्रमुख सचिव गृह समेत तमाम आलाधिकारियों को पंजीकृत डाक से पत्र भेजा लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
उधर, कीडगंज थाने जाने पर इंस्पेक्टर ने थाने से भगा दिया और चौकी प्रभारी ने धमकाते हुए वापस कर दिया। आरोप है कि राहुल, बच्चा व मोहित ने उनके बेटे की हत्या की और इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी ने हत्या का साक्ष्य मिटाने का काम किया। कोर्ट के आदेश पर कीडगंज थाने में पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।