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इविवि में कर्मचारियों के 632 पदों पर होगी भर्ती

Wed, 18 Aug 2021 03:33 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में कर्मचारियों के 632 पदों पर भर्ती की जाएगी। इविवि की मंगलवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में शिक्षक भर्ती के साथ कर्मचारी भर्ती पर भी अंतिम मुहर लगा दी गई।
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : prayagraj
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में कर्मचारियों के 632 पदों पर भर्ती की जाएगी। इविवि की मंगलवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में शिक्षक भर्ती के साथ कर्मचारी भर्ती पर भी अंतिम मुहर लगा दी गई। इसके साथ ही सितंबर में इविवि के स्थापना दिवस वाले दिन प्रस्तावित दीक्षांत समारोह पर भी अंतिम मुहर लगाई गई।
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बैठक के दौरान इविवि में गैर शिक्षक पदों के रोस्टर का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। बताया गया कि कर्मचारियों के 632 रिक्त पद है, जिनमें 32 पद ग्रुप ‘ए’, 73 पद ग्रुप ‘बी’ और 527 पद ग्रुप ‘सी’ के हैं। बैठक यह निर्णय भी लिया गया कि हिंदी टाइपिस्ट, हिंदी अनुवादक और हिंदी अधिकारी के पदों के लिए नए सिरे से विज्ञापन करके नियुक्ति की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता कर रहीं कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने काउंसिल को सितंबर में स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले दीक्षांत समारोह की तैयारियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि गवर्नर आनंदीबेन पटेल, यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर डीपी सिंह, गीतकार गुलजार और कुलाधिपति आशीष चौहान ने समारोह में आने के लिए अपनी सहमति दे दी है। समारोह में गुलजार को डीलिट् की मानद उपाधि दी जाएगी।
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शिक्षकों को मिलेंगे द्रोणाचार्य, सर्वश्रेष्ठ रिसर्चर पुरस्कार
कुलपति ने बताया कि विज्ञान संकाय और कला संकाय में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक को द्रोणाचार्य पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ रिसर्चर के पुरस्कार दिए जाएंगे। ये पुरस्कार असिस्टेंट प्रोफेसर्स को मिलेंगे। इसके लिए उनके पिछले दो साल का प्रदर्शन एवं अन्य रिकार्ड देखे जाएंगे और उनके मूल्यांकन के आधार पर पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन किया जाएगा।

प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत की जांच सीकैश के हवाले
इविवि के एक सीनियर प्रोफेसर पर महिला शिक्षक ने उत्पीडन का आरोप लगाया था। बैठक में यह मुदा भी उठा। यह सहमति बनी कि पूर्व में इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी में कमी थी, क्योंकि यह एक सदस्यीय कमेटी थी, जिसमें कोई महिला सदस्य नहीं थी। निर्णय लिया गया कि शिकायत को विश्वविद्यालय की कंप्लेन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल ह्रासमेंट (सीकैश) को सौंप दिया जाएगा और सीकैश कार्य परिषद की अगली बैठक में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

एसोसिएट प्रोफेसर को बर्खास्त करने का निर्णय
कार्य परिषद की बैठक में इविवि के साइंस एंड सोसाइटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रोहित मिश्र को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। उनके खिलाफ एसोसिएट प्रोफेसर की अर्हता धारित न किए जाने का आरोप था और मामले की जांच चल रही थी। मामले में कार्य परिषद ने एक डिसिप्लिनरी कमेटी का गठन किया था, जिसने यह पाया था कि वह अपनी योग्यता एवं अनुभव के प्रमाणिक साक्ष्य नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं। सर्वसहमति से यह निर्णय हुआ कि उनका कृत्य अनैतिक है और एक शिक्षक जो समाज के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करता है, उसके लिए यह शोभनीय नहीं है। ऐसे में उन्हें नियमों के तहत बर्खास्त किया जाए

कई कर्मचारी पांच वर्षों से अनुपस्थित, कमेटी गठित
केमिस्ट्री विभाग के कुछ लैब असिस्टेंट पिछले पांच वर्षों से विभाग में उपस्थित नहीं हो रहे हैं और उनकी शिकायत विभागाध्यक्ष ने समय-समय पर की है। कार्य परिषद ने मामले में तीन सदस्यीय कमेटी के गठन का निर्णय लिया, जो इस मामले की जांच करेगी और अपना सुझाव देगी।

बिना सूचना विदेश जाने पर असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर रिचा मिश्रा बिना कुलपति की अनुमति के देश से बाहर गईं और जुलाई में विश्वविद्यालय खुलने के बाद भी नहीं लौटी हैं। कार्य परिषद ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए यह निर्णय लिया की शिक्षिका को तुरंत ही सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ जांच हो। इस बीच वह वापस आ जाती हैं और विश्वविद्यालय आती हैं तो उनको डीन ऑफिस से अटैच किया जाएगा और सबसिस्टेंस दिया जाएगा।
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