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हक के लिए केंद्रीय कर्मचारियों ने भरी हुंकार

Fri, 17 Mar 2017 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : इलाहाबाद
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कन्फेडेरशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट इंप्लाइज एंड वर्कर्स के आह्वान पर सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों समेत अन्य मांगों को पूरा कराने के लिए केंद्रीय कर्मचारी गुरुवार को हड़ताल पर रहे। डाकघरों में ताले लगे रहे, आयकर विभाग में कामकाज ठप रहा। हालांकि, एजी, सीडीए पेंशन जैसे बड़े कार्यालयों के नाराज कर्मचारियों ने सभा कर केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, नहीं तो बेमियादी हड़ताल भी की जा सकती है।
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डाकघरों में केंद्रीय कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर रहा। डाकियों ने न तो थैले उठाए और काउंटर भी नहीं खुले। अधिकांश डाकघरों में ताले लटकते रहे। मुख्य डाकघर के गेट पर जुटे कर्मचारियों ने सभा कर हक के लिए हुंकार भरी। जीपीओ, कचहरी, सिटी, दारागंज, नैनी, सिविल लाइन जैसे महत्वपूर्ण और अन्य डाकघरों में कामकाज ठप रहा। कार्य से विरत कर्मचारी नारेबाजी करते हुए प्रधान डाकघर के गेट पर एकत्र हुए। यहां हुई सभा की संयुक्त रूप से अध्यक्षता करते हुए जीपी ओझा, विद्या भूषण पांडेय ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की कर्मचारी विरोधी सिफारिशें मान्य नहीं हैं। सिफारिशों के क्रियान्वयन में विसंगतियों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों के समूह ने कर्मचारी पक्ष को चार माह में सुधारने का आश्वासन दिया था।

अब नौ महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन कुछ नहीं किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए गठित कमेटी की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जरूरत पड़ी तो हम बेमियादी हड़ताल के लिए भी तैयार हैं। इस मौके पर केआर पांडेय, प्रमोद राय, पवन सिंह, आशीष चटर्जी, शंखधर सिंह, राजेश वर्मा, झान सिंह, खुर्शीद अकरम, छेदीलाल, अभिषेक तिवारी, संदीप आनंद, राजेश सिंह, सुनील, जितेंद्र समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। नेशनल यूनियन ऑफ पोस्टल इंप्लाइज (ग्रुप सी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरिचरन यादव के नेतृत्व में डाककर्मी सभा में शामिल हुए। राजदेव ने अध्यक्षता करते हुए कर्मचारी हित के मुद्दे उठाए। इस मौके पर पीएस दुबे, प्रेम प्रकाश तिवारी, जेपी सिंह यादव, दिलीप आदि मौजूद रहे।
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एजी कर्मचारी कार्य से विरत तो नहीं रहे, लेकिन महालेखाकार कार्यालय गेट पर हुई सभा में कर्मचारी हित से जुड़े मुद्दे उठाए गए। सभा की अध्यक्षता करते हुए कन्फेडरेशन के राष्ट्रीय सहायक महासचिव सुभाष चंद्र पांडेय ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। आरोप लगाया कि सरकार कमेटियों का गठन कर देयों के  भुगतान को विलंबित कर रही है। इससे नाराज कर्मचारी हड़ताल पर है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार टालमटोल कर रही है। कर्मचारियों की 12 सूत्रीय मांगों पर ध्यान न देने से कर्मचारी आंदोलित हैं। सेवाकाल में पांच प्रोन्नतियां देने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, गुडवेंच मार्क को वापस लेने समेत अन्य मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग जोरदारी से उठाई गई। संचालन प्रमोद कुमार मिश्रा ने किया। सभा में कर्मचारियों के साथ मुख्य रूप से रीशीश्वर उपाध्याय, ओमप्रकाश, हरीशंकर तिवारी, मनोज कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। जीएंडएसएसए के अध्यक्ष विनोद कुमार ने हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों की सभा को संबोधित किया। विभन्न मांगों को जोरदारी से उठाकर सरकार से सकारात्मक रुख अपनाने की मांग की गई।

आयकर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आयकर कर्मचारी भी एक दिनी हड़ताल में शामिल रहे। आयकर सेवा केंद्र का कार्य पूरी तरह ठप रहा। कार्य से विरत कर्मचारी दोपहर बाद हुई सभा में शामिल हुए। सभा में राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष केएन सोनकर ने कहा कि कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध जारी रहेगा। सचिव आरके सिंह ने मांगों को पूरा करने की बात कही। आईईटीईएफ के जोनल सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि संघर्ष के लिए हम तैयार हैं। संयुक्त सचिव मकरध्वज मौर्य ने 15 सूत्री मांगों को विस्तार से बताते हुए जेसीए की ओर से जारी चार्टर ऑफ डिमांड पढ़कर सुनाया। ब्रांच सेक्रेटरी नंदन सोनकर, आयकर कर्मचारी महासंघ के लालबहादुर यादव आदि ने भी संबोधन किया।

संचालन योगेश्वर राय ने किया । इस मौके पर एमएल मीणा, नागेंद्र दीक्षित, एके सिंह, सर्चिल कुमार, सुब्रतो गुप्ता, संतोष मालवीय, विनोद कुमार, अमर बहादुर, तिलकराज, संतोष, रवींद्र, प्रेमचंद आदि मौजूद रहे। वहीं एटक के महामंत्री रामसागर ने हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारियों को दिए गए आश्वासनों से मुकर रही है। इस मौके पर अन्नू सिंह, जवाहर लाल विश्वकर्मा, अनीश आलम, अवधेश यादव, मुस्तकीम अहमद और राज्य कर्मचारी महासंघ के कड़ेदीन यादव, सीताराम आदि मौजूद रहे।
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