कोर्ट ने कहा, आरोपी वकील के हाथों कानून व्यवस्था को हवा में उड़ाते नहीं देखा जा सकता। महिला जज को लगातार अपमानित करना और धमकी देना गंभीर मामला है । इससे कड़ाई से नहीं निपटा गया तो न्याय तंत्र समाप्त हो जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने अवमानना केस की सुनवाई करते हुए दिया है।
मामले के तहत 1 जुलाई 22 को खुर्जा की अदालत में महिला जज के साथ बदसुलूकी करने के आरोप में वकील भारत सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही संदर्भित की गई! कोर्ट ने आरोपी वकील को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। किसी न किसी बहाने सुनवाई टली रही। जवाब दाखिल न करते हुए फिर से समय मांगा गया।
हाईकोर्ट के विशेष अधिवक्ता सुधीर मेहरोत्रा ने कोर्ट को बताया कि इस घटना के बाद प्रशासनिक न्यायाधीश को भी महिला जज ने रिपोर्ट भेजी है। इसमें कहा गया है कि 20 सितंबर तथा 21दिसंबर को उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसे कोर्ट से उठकर अपने चैंबर में जीवन रक्षा करनी पड़ी।
प्रशासनिक न्यायाधीश की रिपोर्ट में भी जज की सुरक्षा को गंभीर खतरा बताते हुए गैर जिम्मेदाराना हरकत को गंभीरता से लेने को कहा है। इस पर कोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए वकील के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई सहित अवमानना मामले में हाजिर होने का निर्देश दिया है।अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।