फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला जज से बदसलूकी पर हाईकोर्ट सख्त : यूपी की किसी भी अदालत में वकील भारत सिंह के वकालत करने पर रोक

Mon, 02 Jan 2023 11:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने एसएसपी बुलंदशहर को महिला जज की सुरक्षा करने और  आरोपी वकील की हरकत के लिए उनके खिलाफ  अलग से कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने जिला जज को भी महिला जज की सुरक्षा के इंतजाम का आदेश दिया है ताकि अदालती कार्यवाही में किसी प्रकार का व्यवधान न होने पाए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर जिला अदालत की खुर्जा कोर्ट  के वकील भारत सिंह के पूरे प्रदेश की किसी भी अदालत में वकालत करने पर रोक लगा दी है। साथ ही 21 जनवरी को उन्हें पेश होने का निर्देश दिया है। वकील पर खुर्जा अदालत की  एक  महिला जज के साथ बदसुलूकी करने और बार-बार धमकाते हुए जीवन सुरक्षा को खतरा पैदा करने के आरोप में हाईकोर्ट में आपराधिक अवमानना कार्यवाही चल रही है।

विज्ञापन


कोर्ट ने एसएसपी बुलंदशहर को महिला जज की सुरक्षा करने और  आरोपी वकील की हरकत के लिए उनके खिलाफ  अलग से कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने जिला जज को भी महिला जज की सुरक्षा के इंतजाम का आदेश दिया है ताकि अदालती कार्यवाही में किसी प्रकार का व्यवधान न होने पाए।

कोर्ट ने कहा, आरोपी वकील के हाथों कानून व्यवस्था को हवा में उड़ाते नहीं देखा जा सकता। महिला जज को लगातार अपमानित करना और धमकी देना गंभीर मामला है । इससे कड़ाई से नहीं निपटा गया तो न्याय तंत्र समाप्त हो जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने अवमानना केस की सुनवाई करते हुए दिया है।

मामले के तहत 1 जुलाई 22 को खुर्जा की अदालत में महिला जज के साथ बदसुलूकी करने के आरोप में वकील भारत सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही संदर्भित की गई! कोर्ट ने आरोपी वकील को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। किसी न किसी बहाने सुनवाई टली रही। जवाब दाखिल न करते हुए फिर से समय मांगा गया। 
विज्ञापन

हाईकोर्ट के विशेष अधिवक्ता सुधीर मेहरोत्रा ने कोर्ट को बताया कि इस घटना के बाद प्रशासनिक न्यायाधीश को भी महिला जज ने रिपोर्ट भेजी है। इसमें कहा गया है कि 20 सितंबर तथा 21दिसंबर को उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसे कोर्ट से उठकर अपने चैंबर में जीवन रक्षा करनी पड़ी।

प्रशासनिक न्यायाधीश की रिपोर्ट में भी जज की सुरक्षा को गंभीर खतरा बताते हुए गैर जिम्मेदाराना हरकत को गंभीरता से लेने को कहा है। इस पर कोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए वकील के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई सहित अवमानना मामले में हाजिर होने का निर्देश दिया है।अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें