इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेप के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया है और उसे जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दानिश की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामला हापुड़ थाने का है। याची के खिलाफ रेप सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हापुड़ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 16 दिसंबर 2021 को सुनवाई करते हुए याची की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। याची ने अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि इस प्रकरण में याची को झूठा फंसाया गया है।
आवेदक और कथित पीड़िता ने शादी कर ली थी और विवाह पंजीकरण अधिकारी गाजियाबाद के समक्ष अपनी शादी का पंजीकरण भी कराया था। इसके बाद पारिवारिक दबाव में दोनों अलग हो गए और अपनी शादी रद्द कर दी। हालांकि, वह अपनी शादी रद्द करने के बाद भी मिलते रहे। आवेदक और पीड़िता बालिग हैं।
पीड़िता ने अपनी मर्जी से याची से प्रेम संबंध रखा। चिकित्सकीय रिपोर्ट में भी पीड़िता को कोई बाहरी चोट नहीं लगी। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। लेकिन कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए उसकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली।