शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बाद जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मामले में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह का सरगना केएल पटेल पांच महीने पहले हुई टीईटी में धांधली की कोशिश में गिरफ्तार नकलमाफिया चंद्रमा यादव व संजय सिंह के भी संपर्क में था। ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि इस गिरोह ने टीईटी में भी सेंधमारी की हो। ऐसे में पुलिस जेल में बंद चंद्रमा व संजय से भी पूछताछ की तैयारी में है।
सोरांव पुलिस ने दो दिन पहले शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना समेत सात लोगों को पकड़ा था। दूसरे दिन राजापुर निवासी ललित त्रिपाठी को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, ललित ने बताया कि टीईटी में सेंधमारी करते पकड़े गए संजय सिंह उर्फ गुरुजी और धूमनगंज निवासी चंद्रमा यादव उसके संपर्क में थे और केएल पटेल से उनकी मुलाकात उसने ने ही कराई थी। बता दें कि टीईटी में नकल कराने की कोशिश में जुटे इस गिरोह के कुल सात सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इनके कब्जे से 180 मोबाइल, 220 एक्टिव सिम, चार लाख नगद समेत अन्य सामान बरामद किए थे। गिरोह के सदस्यों ने कबूला था कि उन्होंने करीब 200 अभ्यर्थियों से दो से पांच लाख रुपये तक में सौदा किया था।
शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के सरगना केएल पटेल के जनवरी में पकड़े गए चंद्रमा व संजय सिंह के संपर्क में होने की बात सामने आने पर टीईटी में भी सेंधमारी की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ललित से मिली जानकारी के बाद अब जेल में बंद चंद्रमा व संजय से भी पूछताछ की तैयारी में है।
नैनी स्थित इंटर कॉलेज का कर्मचारी भी हिरासत में
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास कराने वाले गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में कई अन्य अहम जानकारियां पुलिस को मिली हैं। पता चला है कि पिछले साल जनवरी में हुई इस परीक्षा के लिए नैनी स्थित इंटर कॉलेज में बनाए गए केंद्र के भी बहुत से अभ्यर्थी इस गिरोह के संपर्क में थे। जिसके बाद पुलिस ने कॉलेज के एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है। इस कॉलेज में बने केंद्र में परीक्षा देने वाले बहुत से अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनका शिक्षक भर्ती परीक्षा में न सिर्फ चयन हुआ, बल्कि उनके प्राप्तांक भी ज्यादा हैं।
एसटीएफ को भी सौंपी जा सकती है जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से मामले में रोज रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, वह किसी बडी धांधली के भी संकेत हैं। ऐेसे में मामले की जांच एसटीएफ से भी कराई जा सकती है। दरअसल स्थानीय पुलिस के पास भर्ती या परीक्षा संबंधित बड़े मामलों की जांच के लिए न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही इसके लिए उसे वक्त मिल पाता है। चूंकि मामला 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़ा है, ऐसे में इसकी जांच एसटीएफ या किसी अन्य एजेंसी से भी कराए जाने की सिफारिश की जा सकती है।