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अनामिका के तार कस्तूरबा विद्यालय सोरांव से भी जुड़े

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प्रदेश के 25 जिलों में शिक्षिका की नौकरी कर वेतन लेने वाली शिक्षिका अनामिका शुक्ला के तार कस्तूरबा गांधी विद्यालय सोरांव से भी जुड़े हैं। यहां वह गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर चार महीने से विज्ञान शिक्षिका के तौर पर नौकरी कर रही थी। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) रमेश तिवारी की जांच में उसके निवास प्रमाणपत्र सहित शैक्षिक प्रमाणपत्र गलत पाए गए। इसके बाद उन्होंने बीएसए संजय कुमार कुशवाहा को शिक्षिका की सेवा समाप्ति के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। बीएसए ने शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
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मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला को विज्ञान शिक्षिका के रूप में एक नवंबर 2019 को नियुक्ति दी गई थी। एडी बेसिक ने अपनी जांच में पाया कि इस शिक्षिका के मूल प्रमाणपत्र देखे बिना ही उसे नियुक्ति दी गई। बताया, नौकरी पाने के बाद जब उसके अभिलेखों की जांच की गई तो अभिलेख संदिग्ध पाए जाने के बाद उसका वेतन जारी नहीं किया गया।
प्रदेश के स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद की ओर से इस मामले की जांच मार्च में एडी बेसिक रमेश तिवारी को सौंपी गई थी।
22 मार्च से लॉकडाउन लागू होने के बाद जांच पूरी तरह से ठंडे बस्ते में पड़ी रही। अचानक प्रदेश के दूसरे भागों में इस शिक्षिका को लेकर जांच तेज होने के बाद एडी बेसिक रमेश तिवारी ने पांच जून को एक बार फिर से बीएसए से अनामिका से जुड़े प्रमाणपत्र मांगे। आनन-फानन में एडी बेसिक को छह जून को शिक्षिका से जुड़े प्रमाणपत्र मिले और उन्होंने जांच पूरी करके अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी। रिपोर्ट में शैक्षिक प्रमाणपत्रों के संदिग्ध होने के साथ अनामिका ने अलग-अलग जगह तीन निवास प्रमाणपत्र लगाए हैं।
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