फतेहपुर के अपर जिला जज (पॉक्सो) मोहम्मद अहमद अपने बयान पर कायम हैं। 30 जुलाई को कौशाम्बी जिले की कोखराज कोतवाली के चाकवन चौराहे पर उनकी कार में इनोवा की टक्कर लगने की घटना को वह खुद पर कातिलाना हमला बता रहे हैं, जबकि पुलिस घटना को महज एक इत्तफाकिया हादसा मान रही है।
एडीजे 30 जुलाई की रात अपनी कार से प्रयागराज से फतेहपुर लौट रहे थे। कार में उनके चालक के अलावा गनर पंकज सिंह व चालक था। चाकवन के पास एक इनोवा ने कार में कार में टक्कर मार दी। इस मामले में एडीजे ने कोखराज कोतवाली में जानलेवा हमला किए जाने की तहरीर दी।
बताया कि वर्ष 2020 में वह बरेली जिले में तैनात थे। एक व्यक्ति की उन्होंने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इस पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने रात को कातिलाना हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली। जांच के दौरान पता चला कि हमला नहीं बल्कि एक महज हादसा था।
एसपी राधेश्याम ने बताया कि घटना को इत्तफाकिया में परिवर्तित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले की विवेचना कर रहे एसआई ने कोखराज जाकर एडीजे का बयान लिया, जिस पर उन्होंने साफ तौर पर कहा कि घटना हादसा नहीं थी। सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला कराया गया था। इसे लेकर पुलिस की मुश्किल बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की एक टीम लखनऊ व बरेली जांच के लिए रवाना हुई है। हालांकि पुलिस विभाग के अफसर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।