याची का कहना है कि वर्कशाप कैलकुलेशन एंड साइंस, इंजीनियरिंग ड्राइंग, ड्राफ्टमैन, पेंटर, सर्वेयर, प्लंबर आदि की योग्यता वाले अनुदेशकों की भर्ती परीक्षा में याची सफल हुआ। लखनऊ में साक्षात्कार में भी शामिल हुआ। जब चयन सूची जारी की गई तो उसका नाम नहीं था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अनुदेशक पद पर सफल याची को अंतिम चयन सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने 24 अगस्त तक सरकार से जानकारी मांगी है।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने प्रयागराज के कुमार किशोर की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि वर्कशाप कैलकुलेशन एंड साइंस, इंजीनियरिंग ड्राइंग, ड्राफ्टमैन, पेंटर, सर्वेयर, प्लंबर आदि की योग्यता वाले अनुदेशकों की भर्ती परीक्षा में याची सफल हुआ।
उसे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया और लखनऊ में साक्षात्कार में शामिल हुआ। जब चयन सूची जारी की गई तो उसका नाम नहीं था। साक्षात्कार व शैक्षिक योग्यता के लिए अलग से अंक नहीं दिए गए। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को चयनित किया गया। सफल होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया गया।
विज्ञापन
याची ने प्रत्यावेदन भेजा, आरटीआई के तहत सूचना मांगी, कोई जवाब नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री को भी लिखा। सुनवाई न होने पर याचिका दायर की है। याची का कहना है कि जब वह परीक्षा में सफल है तो उसे नियुक्ति पाने का हक है।