पंजाब के लुधियाना से पश्चिमी बंगाल के दानकुनी तक कुल 1856 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न डीएफसी का निर्माण चल रहा है। वर्तमान समय खुर्जा से लेकर कौशाम्बी के सुजातपुर तक ईडीएफसी के इस रूट पर मालगाड़ियों की आवाजाही चल रही है।
ईस्टर्न डेडीक्रेटेट फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी) के तहत इरादतगंज में यमुना नदी पर एक और रेल पुल तैयार हो गया है। इस पुल पर ट्रेनों की आवाजाही इसी वर्ष के अंत तक शुरू हो जाएगी। इस पुल पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही कानपुर-पंडित दीन दयाल रूट पर चलने वाली मालगाड़ियां ईडीएफसी के रूट पर शिफ्ट कर दी जाएंगी। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2022 तक ईडीएफसी के सुजातपुर-इरादतगंज-करछना के बीच मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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पंजाब के लुधियाना से पश्चिमी बंगाल के दानकुनी तक कुल 1856 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न डीएफसी का निर्माण चल रहा है। वर्तमान समय खुर्जा से लेकर कौशाम्बी के सुजातपुर तक ईडीएफसी के इस रूट पर मालगाड़ियों की आवाजाही चल रही है। अब इसका विस्तार सुजातपुर से करछना होते हुए चुनार तक होना है। इस रेलखंड की लंबाई 160 किलोमीटर के आसपास है।
इसी रूट पर इरादतगंज में यमुना पर एक रेल पुल का निर्माण किया गया। वर्ष 2019 में इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हुुआ। इस बीच विश्व बैंक की टीम ने भी वर्ष 2020 में इसके निर्माण कार्य का जायजा लिया। अब यह पुल पूरी तरह से तैयार हो गया है। पुल निर्माण के साथ ही ईडीएफसी द्वारा सुजातपुर से इरादतगंज होते हुए करछना तक रेल ट्रैक बिछाए जाने का काम भी तेजी से शुरू कर दिया है।
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ईडीएफसी पूर्व के महाप्रबंधक ओम प्रकाश ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि सुजातपुर-इरादतगंज-करछना-चुनार रेलखंड जल्द से जल्द तैयार कर दिया जाए। ताकि दिसंबर 2022 तक ईडीएफसी के खुर्जा से चुनार तक मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो सके। निश्चित ही इस रेल मार्ग से जहां मालगाड़ियों द्वारा तेजी से तमाम तरह के माल की आपूर्ति जल्द की जा सकेगी तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली-प्रयागराज-पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलखंड पर ट्रेनों का बोझ भी कम हो जाएगा।