इलाहाबाद हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान 17 नवंबर को कोर्ट ने नियुक्ति व अंक प्रदान करने संबंधी कार्य प्रगति के बारे में बेसिक शिक्षा परिषद से जानकारी मांगने के साथ परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया था। मंगलवार को नियत सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा और नियामक प्राधिकारी की ओर से लखनऊ बेंच में लंबित अपील का हवाला देते हुए न प्रगति रिपोर्ट पेश की गई न ही हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। जिससे खफा कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया अवमानना माना।
बेसिक शिक्षा परिषद के वकील यतींद्र ने दलील दी कि लखनऊ बेंच में स्पेशल अपील लंबित है। जब तक वह मामला तय नहीं हो जाता तब तक कट ऑफ तय नहीं किया जा सकता।याचियों के अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी और राहुल कुमार मिश्र की प्रार्थना पर कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के प्रमुख सचिव डाॅ. एमकेएस सुंदरम को अवमानना याचिका में पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि लखनऊ में आरक्षण से संबंधित लंबित अपील न तो राज्य सरकार की ओर से दाखिल की गई है न ही बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से। इस मामले से लंबित अपील का कोई वास्ता और सरोकार नही है।