चिल्ला निवासी पिता और पुत्री को बु्खार आ रहा है। दोनों की प्लेटलेट्स में कमी को चिकित्सक डेंगू का प्रभाव मान रहे हैं। वहीं शिवकुटी के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज को भी डॉक्टर डेंगू संक्रमित मानकर इलाज कर रहे हैं।
गोविंदपुर में डेंगू के लिए हाई अलर्ट है, लेकिन चिल्ला में मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। चिल्ला में 25 से अधिक लोग बुखार, सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं। इनमें पांच में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में डेंगू साफ परिलक्षित है। एक पिता-पुत्री तथा एक अन्य पीड़ित को अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दो लोगों का घर पर ही उपचार हो रहा है। सभी पांचों संभावित डेंगू पीड़ितों के रक्त नमूने जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की पैथालॉजी भेजे गए हैं।
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चिल्ला निवासी पिता और पुत्री को बु्खार आ रहा है। दोनों की प्लेटलेट्स में कमी को चिकित्सक डेंगू का प्रभाव मान रहे हैं। वहीं शिवकुटी के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज को भी डॉक्टर डेंगू संक्रमित मानकर इलाज कर रहे हैं। उधर स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट के बगैर सभी बुखार पीड़ितों को डेंगू संक्रमित मानने को तैयार नहीं है। पिछले दिनों चिल्ला में हुई लार्वा जांच में कई घरों के कूलर और गमलों में डेंगू फैलाने वाले लार्वा मिले थे, जिन्हें नष्ट किया गया था। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के मुताबिक लोगों को इस बदले मौसम में मच्छरों से बचाव के इंतजाम करने होंगे। उन्होंने बताया कि तीन दिन से अधिक बुखार रहे तो चिकित्सक की सलाह पर डेंगू की जांच करानी चाहिए।