भ्रष्टाचार मुख्य मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह, उत्कर्ष द्विवेदी के नेतृत्व में प्रतियोगी छात्रों ने पीसीएस मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाने का अभियान शुरू किया है। उनका कहना है कि हिंदी भाषी क्षेत्रों के प्रतियोगी छात्रों के साथ न्याय किया जाए।
पीसीएस मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाए जाने को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को प्रतियोगी छात्रों ने ट्विटर के माध्यम से इस अभियान की शुरुआत की। इस संबंध में मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष को संबोधित ट्वीट किए जा रहे हैं।
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भ्रष्टाचार मुख्य मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह, उत्कर्ष द्विवेदी के नेतृत्व में प्रतियोगी छात्रों ने पीसीएस मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाने का अभियान शुरू किया है। उनका कहना है कि हिंदी भाषी क्षेत्रों के प्रतियोगी छात्रों के साथ न्याय किया जाए। स्केलिंग जैसी घातक व्यवस्था से प्रतियोगी छात्रों को मुक्ति मिले और सभी विषयों के साथ न्याय हो ।
प्रतियोगी छात्रों ने ट्विटर पर हिंदी माध्यम का गिरता ग्राफ, मानविकी विषय के साथ न्याय, वैकल्पिक विषय व स्केलिंग सिरदर्द आदि टैग लाइन देकर टवीट किया। प्रतियोगी छात्र उत्कर्ष द्विवेदी ने कहा कि 2019 से ही मांग की जा रही है कि मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटा कर उत्तर प्रदेश विशेष को जोड़ा जाए, ताकि प्रदेश के प्रतियोगी छात्रों को लाभ मिले।
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प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि यह अभियान लगातर जारी रहेगा। जल्द ही प्रदेश भर के प्रतियोगी छात्र अपने- अपने जनप्रतिनिधियों से मिलकर इस संबंध में लिखित रूप से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देंगे। अभियान में मनोज पांडेय, सतीश कुमार, डॉली, कंचन, अर्चना सिंह, अरविंद मिश्र आदि शामिल हैं।