पीट -पीटकर बेरहमी से मौत के घाट उतारे गए दलित छात्र दिलीप कुमार सरोज के मुख्य हत्यारोपी विजय शंकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की क्राइम ब्रांचे ने बुधवार की सुबह सुल्तानपुर बस अड्डे से उसे गिरफ्तार किया। कड़ी सुरक्षा में उसे इलाहाबाद लाया गया और सबसे पहले घटनास्थल पर ले जाकर पूछताछ की गई। एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि विजय शंकर और साथियों ने नशे की हालत में वारदात को अंजाम दिया। सभी पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। बाद में विजय शंकर को रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हत्याकांड के तीन अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
चार दिन से पुलिस को छका रहे दिलीप हत्याकांड के मुख्य आरोपी टीटीई विजय शंकर सिंह को सुबह सात बजे सुल्तानपुर बस अड्डे पर पकड़ा गया। रात को उसकी लोकेशन लखनऊ में मिलने के बाद क्राइम ब्रांच उसके पीछे लग गई थी। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि दिलीप की हत्या के बाद विजय शंकर फैजाबाद चला गया था। वहां उसके ठिकाने पर छापा मारा गया, लेकिन इससे पहले ही वह दिल्ली जा चुका था। मंगलवार की रात पुलिस को हिरासत में लिए गए विजय के कुछ सहयोगियों से पता चला कि वह दिल्ली से लखनऊ आ गया है।
लखनऊ से रोडवेज की बस पकड़कर वह सुल्तानपुर के लिए निकला। इसके बाद क्राइम ब्रांच उसके पीछे लग गई और जाल बिछा कर सुल्तानपुर बस स्टेशन पर उतरने के बाद घेरकर पकड़ लिया। हत्याकांड में शामिल रहे अन्य आरोपियों में रेस्टोरेंट के वेटर मुन्ना चौहान, चालक रामदीन मौर्य और टीटीई विजय शंकर के दोस्त ज्ञान प्रकाश अवस्थी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि बीती नौ फरवरी की रात कटरा के कालिका रेस्टोरेंट में रात को छात्र दिलीप अपने दो अन्य साथियों के साथ खाना खाने गया था। वहीं फॉर्च्यूनर से टीटीई विजयशंकर भी पहुंचा था। उसी दौरान पैर में ठोकर लगने से विवाद बढ़ा और इसके बाद टीटीई और उसके साथियों ने दिलीप की रॉड, ईंट से इस कदर पिटाई की कि वह मरणासन्न हो गया था। कोमा में उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बीती रविवार को उसकी मौत हो गई थी।