सरायइनायत थाने में तैनात एक दरोगा रेप के मामले में आरोपियों से सांठगांठ के बाद पीड़िता और उसके परिवार के लोगों को धमका रहे हैं। हल्का दरोगा जबरन पीड़िता को फोनकर बार-बार थाने बुलाते हैं और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे है। जबकि वह मामले के विवेचक भी नहीं है। वहीं थाना प्रभारी सरायइनायत ने कहा कि दरोगा के धमकी देने का मामला उनके जानकारी में नहीं है।
सरायइनायत की एक युवती का आरोप है कि उसके घर आने-जाने के दौरान सरायरहिया गांव के रिश्तेदार योगेश कुमार ने अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। शादी का झांसा देकर तीन साल तक शारीरिक शोषण करता रहा। जब बात घरवालों तक पहुंची तो हंगामा खड़ा हो गया। पंचायत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद पंचायत में तय हुआ कि आरोपी युवक पीड़िता से शादी करेगा। 5 मई 2015 को शादी की तारीख तय हुई। बारात जाने के एक दिन पहले आरोपी युवक के घरवालों ने बारात लाने से इंकार कर दिया।
तब पीड़िता परिजनों के साथ सरायइनायत थाने पहुंची। पीड़िता की शिकायत पर सरायइनायत पुलिस ने योगेश कुमार उसके पिता संतलाल और चाचा मूलचंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़िता का आरोप है कि सरायइनायत थाने में तैनात एक दरोगा ने आरोपी पक्ष से मामले में सुलह कराने के लिए 80 हजार रुपये ले लिया है। अब पिछले दो दिनों से हल्का दरोगा पीड़िता के घरवालों को मोबाइल पर फोन कर थाने पर बुला रहा है और मुकदमे में सुलह के लिए धमका रहा है। जबकि उक्त दरोगा मामले के विवेचक भी नहीं है। इस बारे में थानाध्यक्ष सरायइनायत अमित मिश्र से बात की गई तो उन्होंने दरोगा के धमकी देने का मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं।