प्रापर्टी से जुड़े विवादों और कई दुश्मनी को खंगालने के बावजूद डॉ. एके बंसल हत्याकांड में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से बढ़ते दबाव के चलते सोमवार को एसएसपी शलभ माथुर भी जीवन ज्योति हॉस्पिटल पहुंच गए। वे करीब घंटे भर तक अस्पताल में एसटीएफ और क्राइम ब्रांच के साथ छानबीन करते रहे। स्टाफ से बात की। शूटर के आने-जाने का रास्ता देखा। डॉक्टर के चैंबर का भी नए सिरे से जायजा लिया और टीम को सुराग खोजने का आदेश देकर निकल गए।
बृहस्पतिवार की शाम घटना के कुछ घंटे बाद रात में एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक लखनऊ से यहां आ गए थे। उन्होंने दो दिन तक खुद जांच की कमान संभाली। उनके जाने के बाद एएसपी अरविंद चतुर्वेदी ने एसटीएफ की छानबीन को आगे बढ़ाया। सीतापुर से लेकर इलाहाबाद तक तमाम संपत्ति विवादों को खंगालने के बाद भी जांच जहां की तहां ठहरी होने और डॉक्टरों की हड़ताल से एसटीएफ तथा पुलिस अधिकारी भारी दबाव में हैं। 50 से ज्यादा मोबाइल फोन के सर्विलांस से भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
ऐसे में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे एसएसपी शलभ माथुर एसपी सिटी विपिन टाडा, एसपी क्राइम इरफान अंसारी तथा एसटीएफ के एएसपी अरविंद के साथ जीवन ज्योति हॉस्पिटल पहुंचे। इन अधिकारियों ने पहले तो हॉस्पिटल में के मेन गेट से चैंबर और पिछले गेट तक का जायजा लिया। फिर एक कमरे में बैठकर अस्पताल के करीब 15 कर्मचारियों को बुलाकर सवाल-जवाब किए। इसके जरिए उनके बयानों में विरोधाभास का आकलन किया गया। करीब घंटे भर बाद एसएसपी चले गए तो एसपी सिटी ने एसटीएफ के एएसपी के साथ पौन घंटे तक छानबीन की। एसपी सिटी ने कहा कि अभी कोई क्लू नहीं मिला है।