एसआरएन अस्पताल कुंडा नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन गुलशन यादव के बाद अब पूर्व विधायक सईद मोहम्मद की आरामगाह बन गया है। करीब एक महीने पहले जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार कर नैनी जेल भेजे गए पूर्व विधायक सईद 14 दिन से अस्पताल में टेस्ट कराने के नाम पर भर्ती हैं। इन पंद्रह दिन में उनके तीन डॉक्टर बदल गए। यह शिकायत कमिश्नर से की गई तो उन्होंने डीएम, एसएसपी को मेडिकल बोर्ड से जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
सात अगस्त को सिविल लाइंस पुलिस नेे भूमाफिया के खिलाफ अभियान में पूर्व विधायक सईद मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया था। जेल जाने से पहले उन्होंने अपनी तबियत खराब बताई और अस्पताल में भर्ती हो गए। मेडिकल बोर्ड से जांच के बाद उनका स्वास्थ्य सामान्य मानकर जेल भेज दिया गया था। करीब दस दिन बार फिर से उन्होंने अपनी तबियत खराब बताई। टेस्ट कराने के लिए उनको एसआरएन अस्पताल लाया गया, जहां डा. अरविंद कुमार गुप्ता की सलाह पर भर्ती कर लिया गया। उन्हीं के साथ-साथ डा. कमलेश सोनकर और डा. मुकुल सिंह के यहां भी टेस्ट के लिए भेज दिया गया। करीब 14 दिन से सईद एसआरएन में भर्ती हैं। प्रयाग व्यापार मंडल ने अध्यक्ष विजय अरोरा सहित आधा दर्जन पदाधिकारियों ने कमिश्नर से इसकी शिकायत की। जिस पर कमिश्नर आशीष गोयल ने डीएम और एसएसपी को मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच के आदेश कर दिए हैं।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि डीएम से मेडिकल बोर्ड बनाकर आरोपी का परीक्षण कराने को कहा गया है। जिसमें स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपी को भर्ती कराया जाना उचित होगा या फिर जेल के अस्पताल में रखकर इलाज कराया जा सकता है। किसी भी हालत में बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल के अंदर आराम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गुलशन और सईद दोनों आरोपियों को भर्ती करने की सलाह देने वाले डाक्टर अरविंद गुप्ता ही हैं। उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले कुंडा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गुलशन यादव को युरिन इन्फेक्शन का तर्क देकर 13 महीने तक अस्पताल में भर्ती रखा था। अमर उजाला में इस खबर के प्रमुखता से छपने के तीसरे दिन ही दिन अस्पताल से गुलशन को रिलीव करना पड़ा था। इस घटना के चार महीने बाद डा. अरविंद गुप्ता की सलाह पर पूर्व विधायक सईद मोहम्मद को भी एसआरएन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती कर लिया है।
‘व्यापार मंडल की शिकायत पर सईद का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने के आदेश डीएम और एसएसपी को दिए हैं। किसी भी अभियुक्त को सामान्य तौर पर अस्पताल में भर्ती नहीं होने दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि सईद को अस्पताल में भर्ती किया जाना उचित है या फिर जेल के अस्पताल में इलाज हो सकता है।’ आशीष गोयल, कमिश्नर