हनुमानगंज निवासी जानकी जायसवाल ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 के अंतर्गत प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में तत्कालीन थाना प्रभारी शिवकुटी पंकज कुमार सिंह, तत्कालीन विवेचना अधिकारी थाना शिवकुटी, तत्कालीन क्षेत्राधिकारी चतुर्थ प्रयागराज, तत्कालीन सहायक जन सूचना कार्यालय क्षेत्राधिकारी चतुर्थ प्रयागराज को पक्षकार बनाया है।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि जानकी जायसवाल की दुकान एडीए शॉपिंग कांप्लेक्स अपट्रान चौराहा पर है, जिसमें गयादीन शर्मा 3,000 प्रति माह का किराएदार है।
जून 2016 से उसने किराया देना बंद कर दिया। दुकान के फर्जी कागज तैयार करके कब्जा करने की धमकी दे रहा था। 21 मई 2018 को आवेदिका अपनी मां के साथ दुकान पर गई। उसने गयादीन शर्मा से बकाए किराए की रकम मांगी, जिस पर गयादीन शर्मा और दुकान पर उसके दो अज्ञात साथियों ने आवेदिका के साथ अभद्र व्यवहार कर गालियां दीं और उसकी मां को मारा पीटा।
इसका मुकदमा न्यायालय के आदेश पर 30 जुलाई 2018 को शिवकुटी थाने में दर्ज हुआ। गंभीर धाराओं का लोप करते हुए यह मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचक के द्वारा बयान भी दर्ज नहीं किया गया, विवेचक अपने कर्तव्य और दायित्व का निर्वहन करने में असफल रहे। आवेदिका ने क्षेत्राधिकारी के कार्यालय में जाकर पूछताछ की तो ज्ञात हुआ कि कोई अंतिम आंख्या नहीं पेश हुई है।