उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में शुक्रवार को मानसून महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें आयोग के अफसरों, कर्मचारियों ने सपरिवार पौधरोपण किया। महोत्सव की शुरुआत करते हुए आयोग अध्यक्ष संजय श्रीनेता ने कहा कि आयोग की सामाजिक भूमिका प्रशासकों के चयन मात्र से समाप्त नहीं हो जाती है, बल्कि एक संस्था के रूप में उसे भावी प्रशासकों के लिए आदर्श भी प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से समाज कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों में योगदान करना चाहिए। वृक्षों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि जैसे हम भगवान को एवं अपने माता-पिता को अपने जीवन के लिए धन्यवाद देते हैं। उसी प्रकार इन वृक्षों को भी हमें अपने जीवन के सुचारू ढंग से चलने में प्रभावशाली भूमिका के लिए धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमदान से स्वच्छता अभियान मूर्त रूप ले सकेगा। शरीर स्वस्थ एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता से युक्त होगा।
कहा कि जिन कर्मचारियों ने पौधरोपण किया है, उनकी अगले दो वर्ष तक जिम्मेदारी है कि पौधों की देखभाल करते रहें। जब तक कि पौधे पूरी तरह विकसित न हो जाएं। सदस्य डॉ. रामजी मौर्य ने वृक्षारोपण कार्यक्रम के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए इसे अपनी आत्मा से जोड़ने का सभी को संकल्प दिलाया। इस मौके पर 15 सौ से अधिक फलदार और शोभाकार पौधे रोप गए।
अतिथियों के रूप में उपनिदेशक उद्यान एन रवींद्रा, वन संरक्षक नीरज शुक्ला, प्रभागीय वन अधिकारी बीआर अहिरवार, संयुक्त कृषि निदेशक रणवीर मिश्र श्रमदान और पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे पूर्व कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के तहत आयोग परिसर में 97 प्रतिशत कर्मचारियों और दैनिक कर्मियों और उनके परिजनों को टीका लगवाया गया। इस मौके पर सदस्य प्रोफेसर आरएन त्रिपाठी, डॉ. हरेश प्रताप सिंह, किशनवीर सिंह शाक्य, कल्पराज सिंह, डॉ. सविता अग्रवाल, संतोष कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।