आरोपी अनिल कुमार शिक्षा निदेशालय के माध्यमिक शिक्षा विभाग में बतौर प्रधान सहायक तैनात है। उसके खिलाफ कुछ महीनों पहले विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि वह बकाया वेतन भुगतान व अन्य कार्योें के लिए रिश्वत की मांग करता है।
सिविल लाइंस में एक दिन पहले पकड़े गए रिश्वत लेेने के आरोपी बाबू अनिल कुमार को वाराणसी जेल भेज दिया गया। विजिलेंस की टीम दोपहर में उसे लेकर वाराणसी स्थित भ्रष्टाचार निरोधक इकाई कोर्ट में पहुंची। जिसके बाद मजिस्ट्रेट की अनुमति से उसे जेल भेज दिया गया। शिक्षा निदेशालय स्थित माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात अनिल कुमार को एक दिन पहले विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था।
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उसे 30 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था। शाम होने के चलते रात में उसे सिविल लाइंस थाने में रखा गया था। शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीबी विजिलेंस की टीम एक बार फिर थाने पहुंची और आरोपी बाबू को साथ लेकर वाराणसी के लिए रवाना हो गई। दोपहर में टीम वाराणसी पहुंची। जहां उसे भ्रष्टाचार निरोधक इकाई कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। रिमांड मंजूर होने पर उसे वाराणसी जेल भेज दिया गया।
विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
गिरफ्तारी के बाद अब जल्द ही आरोपी बाबू पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस की ओर से इस मामले से संबंधित एक रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। जिसमें आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले और उसकी गिरफ्तारी का विवरण होगा।